श्रीडूंगरगढ़, 5 दिसंबर 2025। सोशल मीडिया के इस युग में, जहां हर चीज़ आसानी से उपलब्ध है, वहीं कई बार यह मुसीबत का सबब भी बन जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ श्रीडूंगरगढ़ के एक युवक के साथ, जिसने अपनी गाड़ी बेचने के लिए फेसबुक का सहारा लिया और अब धोखाधड़ी का शिकार हो गया।
गांव बाडेला के रहने वाले 22 वर्षीय प्रकाश नायक ने श्रीडूंगरगढ़ थाने में सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ के रहने वाले कुलदीपसिंह राजपूत और विक्रमसिंह राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है।
प्रकाश के अनुसार, उसके भाई रामनिवास के नाम पर एक पिकअप गाड़ी थी, जिसकी किश्तें फाइनेंस कंपनी से जुड़ी थीं। गाड़ी को बेचने के लिए उसने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट को देखकर कुलदीपसिंह और विक्रमसिंह ने उससे संपर्क किया।
बातचीत के दौरान, आरोपियों ने 10-15 दिनों में फाइनेंस का ऋण चुका देने का वादा किया और गाड़ी खरीदने की इच्छा जताई। दोनों के बीच 11 लाख 40 हजार रुपये में गाड़ी का सौदा तय हुआ।
शिकायत के अनुसार, 26 जुलाई 2025 को दोनों आरोपी प्रकाश के गांव स्थित घर आए। वहां 500 रुपये के स्टाम्प पर लिखा-पढ़ी हुई और आरोपियों ने 60 हजार रुपये नकद दिए। बाकी रकम जल्द देने का आश्वासन देकर वे गाड़ी ले गए। प्रकाश ने गाड़ी और उसके कागजात उन्हें सौंप दिए।
अगस्त महीने में जब गाड़ी की किश्त भरने का समय आया, तो प्रकाश ने आरोपियों से संपर्क किया। आरोप है कि उन्होंने टालमटोल करना शुरू कर दिया, न तो किश्त भरी और न ही गाड़ी और लोन को अपने नाम पर ट्रांसफर करवाया।
परेशान होकर प्रकाश ने 1 सितंबर को कुलदीप सिंह को फोन किया। आरोप है कि कुलदीप सिंह ने फाइनेंस के पैसे चुकाने, गाड़ी अपने नाम करवाने या गाड़ी वापस देने से इनकार कर दिया और गाड़ी को खुर्द-बुर्द करने की धमकी दी।
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई रतनलाल को सौंप दी है। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच में इस मामले का क्या रुख सामने आता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं। यह घटना सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की एक सीख भी है।