श्रीडूंगरगढ़, 1 सितंबर, 2025। सपनों की उड़ान भरने निकले एक युवक के साथ विश्वासघात की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देती है। एक रिश्तेदार पर भरोसा कर विदेश में बेहतर भविष्य की आस लगाए बैठे युवक को तीन लाख रुपयों की ठगी का शिकार होना पड़ा। अब पीड़ित ने न्याय की आस में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
यह कहानी शुरू होती है रहिश रजा नाम के एक युवक से, जो रोजगार की तलाश में विदेश जाने का सपना देखता है। उसके सपने को पंख लगाने का दावा करता है उसका रिश्तेदार नफीस अहमद, जो सुजानगढ़ का रहने वाला है। दिसंबर 2024 के मध्य में नफीस, रहिश के पास आता है और उसे यूरोप, अजरबैजान और सिंगापुर जैसे देशों की बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देता है।
रहिश, नफीस की बातों में आ जाता है और अपना पासपोर्ट उसे सौंप देता है। नफीस वादा करता है कि एक सप्ताह में वीजा आ जाएगा। इसके बाद शुरू होता है किश्तों में पैसों का लेनदेन। दिसंबर 2024 से लेकर अप्रैल 2025 तक रहिश, नफीस को अलग-अलग माध्यमों से कुल तीन लाख रुपये देता है। उसे उम्मीद थी कि जल्द ही उसके विदेश जाने का सपना सच हो जाएगा।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब नफीस, रहिश को अजरबैजान का एक एग्रीमेंट लेटर थमा देता है, जिसमें उसे स्टोर कीपर की नौकरी और 850 डॉलर मासिक वेतन मिलने की बात कही जाती है। हालांकि, जल्द ही नफीस अपनी बात से पलट जाता है और कहता है कि वीजा अजरबैजान का नहीं, बल्कि आर्मेनिया का है।
अप्रैल 2025 में रहिश को दिल्ली से आर्मेनिया की फ्लाइट पर भेज दिया जाता है। लेकिन वहां पहुंचते ही उसे सच्चाई का पता चलता है। वहां न तो कोई बड़ी कंपनी थी और न ही स्टोर कीपर की नौकरी। उसे पता चलता है कि उसे वर्क वीजा पर नहीं, बल्कि टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया है, जिसकी वैधता केवल चार महीने है। रहिश को अहसास होता है कि वह ठगी का शिकार हो गया है।
जब रहिश ने नफीस से संपर्क किया, तो उसने गाली-गलौज करते हुए कहा कि उसका मकसद ही पैसे हड़पना था। सूत्रों के अनुसार, उसने पहले भी कई लोगों को इसी तरह फंसाया है। इतना ही नहीं, उसने रहिश को वापस बुलाने के लिए दो लाख रुपये और मांगे।
थक-हारकर रहिश ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीडूंगरगढ़ की अदालत में परिवाद दायर किया है। रहिश का आरोप है कि नफीस ने फर्जी वीजा बनाकर लाखों रुपये ठगे हैं और उसे विदेश में फंसा दिया है। अब रहिश को अदालत से न्याय की आस है। यह घटना दिखाती है कि कैसे कुछ लोग अपने फायदे के लिए रिश्तों को भी दांव पर लगा देते हैं और दूसरों के सपनों को चकनाचूर कर देते हैं।