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पति, ससुर और सास पर दहेज मांगने व स्त्रीधन हड़पने का आरोप, पीड़िता ने कोर्ट में लगाई गुहार

श्रीडूंगरगढ़, 21 नवंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में एक विवाहिता ने अपने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। जयपुर निवासी नेहा उर्फ गरिमा, जो वर्तमान में आडसर बास, श्रीडूंगरगढ़ में रह रही हैं, ने अपने पति हिमांशु दाधीच शर्मा, ससुर विजय कुमार और सास हेमलता पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करने और स्त्रीधन हड़पने का आरोप लगाते हुए अदालत में परिवाद पेश किया है।

परिवाद में नेहा ने बताया है कि उनका विवाह 23 नवंबर 2023 को श्रीडूंगरगढ़ में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के अवसर पर उनके पिता ने अपनी सामर्थ्य अनुसार जेवर और अन्य सामान दहेज के रूप में दिया था। नेहा का कहना है कि यह सारा सामान उनका स्त्रीधन था, जिसे ससुराल वालों ने यह कहकर अपने पास रख लिया था कि जब उन्हें आवश्यकता होगी, तो वे वापस कर देंगे।

नेहा के अनुसार, विवाह के बाद जब वह अपने ससुराल इम्फाल (मणिपुर) पहुंचीं, तो ससुराल वाले उनसे 5 लाख रुपये नकद और एक नई कार की मांग करने लगे। जब उन्होंने अपनी असमर्थता जताई, तो उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा और घर में नौकरानी की तरह व्यवहार किया जाने लगा।

परिवाद में नेहा ने यह भी बताया है कि लगातार प्रताड़ना के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें लगभग 15 दिनों तक बीकानेर के एक निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती रहना पड़ा। अस्पताल का सारा खर्च उनके पिता ने वहन किया। नेहा के अनुसार, डॉक्टर ने उनके पति हिमांशु को उनके साथ अच्छा व्यवहार करने की सलाह दी, लेकिन इसके बाद भी उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

नेहा का आरोप है कि लगभग 15 दिन पहले जब उन्होंने अपना स्त्रीधन वापस मांगा, तो ससुराल वालों ने इनकार कर दिया। इसके बाद, 18 जून 2025 को आरोपी श्रीडूंगरगढ़ आए और उन्होंने नेहा व उनके माता-पिता के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और घर में थूककर उन्हें अपमानित किया।

पीड़िता ने अदालत से पुलिस को मामला दर्ज करने, उनका स्त्रीधन बरामद करवाने और आरोपियों को कड़ी सजा देने का आग्रह किया है। इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा के सामाजिक अभिशाप को उजागर किया है और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वाकई समाज में महिलाओं के प्रति सोच बदल रही है?

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