बैठक के दौरान कार्यक्रम से संबंधित पेंपलेट का विमोचन किया गया। समिति के उपाध्यक्ष मोहनलाल मिनोठिया ने समारोह की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि समाज के उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर 65 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले, खेलों में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले, उच्च शिक्षा में 2021-25 के बीच आईआईटी, नीट, आईआईएम, एनआईटी, नेट, एमबीबीएस, सीए, सीएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने वाले, पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले, सरकारी सेवाओं में चयनित होने वाले और जनप्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया जाएगा। तैयारी बैठक में समिति अध्यक्ष गोविन्द प्रसाद बासनीवाल सहित मोहनलाल मिनोठिया, नारायण लखेसर, नंदकिशोर बासनीवाल, सुभाष कुलचानियां, बालचंद मिनोठिया, रमेश बासनीवाल, पवन बोरावड़, रामचंद्र छापोला और हरिप्रसाद बासनीवाल जैसे प्रमुख सदस्य उपस्थित थे।
दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन में शिक्षक-शिक्षार्थी और छात्र हितों पर गहन चिंतन और मनन किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर विस्तृत चर्चा होगी, साथ ही वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षक की भूमिका पर भी विचार विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के दूसरे दिन खुला सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें शिक्षकों की समस्याओं पर विचार किया जाएगा। प्राप्त प्रस्तावों को उच्च अधिकारियों और राज्य सरकार को भेजा जाएगा। सम्मेलन में शिक्षकों की अधिकाधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिले की सभी उपशाखाओं के अध्यक्ष और मंत्री लगातार शिक्षकों से संपर्क कर रहे हैं।