श्रीडूंगगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE 23 जनवरी 2026। दुर्घटना में मृतक युवा बेटे के माता पिता को श्रीडूंगरगढ़ कोर्ट ने राहत देते हुए बीमा कंपनी, वाहन चालक/मालिक को 16.05 लाख रूपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने सड़क हादसे में युवक ओमप्रकाश की मौत के मामले में न्यायाधीश सरिता नौशाद ने ये फैसला सुनाया है। न्यायाधीश ने कार चालक की लापरवाही मानते हुए मृतक के माता-पिता को कुल 16 लाख 5 हजार 250 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि बीमा कंपनी और वाहन चालक/मालिक को संयुक्त रूप से चुकानी होगी।
यह था पूरा मामला
श्रीडूंगरगढ़ ONE। 29 अप्रैल 2019 की रात करीब 9 बजे ओमप्रकाश मोटरसाइकिल से आडसर से मोमासर की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही कार ने ओवरटेक करते हुए गलत साइड में आकर मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में ओमप्रकाश के सिर में गंभीर चोट आई और उसे मोमासर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ में दर्ज एफआईआर और जांच के बाद कार चालक निजामुद्दीन के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप पत्र पेश किया गया। कोर्ट में गवाहों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वाहन की मैकेनिकल जांच से भी कार चालक की गलती साबित हुई। बीमा कंपनी ने दावा किया कि हादसा मोटरसाइकिल के फिसलने से हुआ, लेकिन कोर्ट ने सभी आपत्तियों को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया।
कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
श्रीडूंगरगढ़ ONE। कोर्ट ने मृतक की उम्र 21 साल मानते हुए आय का आकलन किया और भविष्य की आय को जोड़ते हुए मुआवजा तय किया।पिता उदाराम को कुल 9.05 लाख रुपए व मां कमला को कुल 7 लाख रुपए देने का आदेश दिया। साथ ही मुआवजे पर आवेदन की तारीख से 6% वार्षिक ब्याज भी मिलेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए लापरवाह ड्राइविंग पर सख्ती जरूरी है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्राथमिकता है।