श्रीडूंगरगढ़, 15 अगस्त, 2025। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, श्रीडूंगरगढ़ का आसमान शोक और सम्मान के मिश्रित रंगों से भर गया। 14 अगस्त को एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले भारतीय सेना के युवा जवान, राकेश जाखड़ को आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है।
राकेश जाखड़, जिन्होंने लगभग तीन वर्ष पूर्व अग्निवीर के रूप में भारतीय सेना की 16 ग्रेनेडियर टुकड़ी में अपना योगदान देना शुरू किया था, वर्तमान में लद्दाख सेक्टर में तैनात थे। कुछ दिनों पहले ही वे अपने गांव आए थे, और दुर्भाग्यवश, एक सड़क हादसे में उनका निधन हो गया।
इस दुखद खबर के फैलते ही, क्षेत्र में राकेश को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की मांग उठने लगी। सेना के अधिकारियों ने भी अपने जवान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का निर्णय लिया। सूत्रों के अनुसार, बीकानेर से 19 MAC डिवीजन के सैनिक श्रीडूंगरगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं, जो राकेश के पार्थिव शरीर को उनके गांव तक पहुंचाएंगे।
आज सुबह 9 बजे, राकेश का पार्थिव शरीर राजकीय हॉस्पिटल से गांधी पार्क लाया गया। यहाँ से, सेना के ट्रक में, पूरे सम्मान के साथ अंतिम यात्रा शुरू हुई। गांधी पार्क से होते हुए, यह यात्रा घुमचक्कर, बाना और उपनी के रास्तों से गुजरी, और अंततः लिखमीसर उतरादा स्थित उनके पैतृक गांव पहुंची, जहाँ सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस दुख की घड़ी में, राकेश को अंतिम विदाई देने के लिए लिखमीसर के ग्रामीणों के साथ-साथ क्षेत्र के कई नेता और गणमान्य व्यक्ति श्रीडूंगरगढ़ पहुंच रहे हैं। हर आंख में आंसू हैं, लेकिन हर दिल में देश के लिए शहीद हुए इस जवान के प्रति गर्व और सम्मान की भावना भी है। राकेश जाखड़ की शहादत, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरणादायक कहानी है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।