श्रीडूंगरगढ़, 31 अगस्त 2025। रविवार की शाम, श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया। भारी बरसात ने मानो सब कुछ तहस-नहस कर दिया। घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उपखंड के कई गाँवों और कस्बों में लोग मदद की आस लगाए बैठे हैं। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में स्टेशन रोड पर स्थित एक पुराना, जर्जर बिजलीघर का भवन धराशायी हो गया। बिजली के तारों से पटाखों जैसी आवाज़ें आईं और तार नीचे गिर गए। बारिश शुरू होने के बाद से ही कस्बे में बिजली गुल है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आसपास के लोग बिजली लाइन के चालू होने पर भूमि में करंट फैलने से होने वाले नुकसान की आशंका से भयभीत हैं।
बाजार में एक दर्जन से ज़्यादा दुकानों में पानी भर गया, जिससे व्यापारियों को काफ़ी नुकसान हुआ है। बिग्गाबास में गणेश मंदिर की दीवार टूट गई और मंदिर के अंदर तक पानी घुस गया। आड़सर बास, बिग्गाबास, कालूबास और मोमासर बास में निचले इलाकों के घरों में पानी भरने से लोग परेशान हैं और अपने घरों से पानी निकालने में जुटे हैं।
सुरजनसर गाँव में दिवंगत लिखमाराम जाट की पत्नी अपने बच्चों के साथ घर में अकेली हैं और उदासर से सुरजनसर आने वाला बारिश का पानी उनके घर में घुस गया है। वे मदद के लिए गुहार लगा रही हैं। गाँव के स्कूल परिसर सहित गुवाड़ में भी जलभराव हो गया है।
सांवतसर, कोटासर, दुसारणा, बेनीसर और भोजस जैसे गाँवों से भी घरों में पानी भरने की सूचनाएँ मिल रही हैं। ग्रामीण अपने घरों से पानी निकालने में लगे हैं। इन गाँवों में बारिश अभी भी जारी है और लोग अब बारिश से होने वाले नुकसान की आशंकाओं से चिंतित हैं।
प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं से लोगों को तत्काल सहायता पहुँचाने की उम्मीद है, ताकि वे इस प्राकृतिक आपदा से उबर सकें।