13 नवंबर, 2025 को श्रीडूंगरगढ़ में श्रीकरणी हैरिटेज के प्रांगण में एक विशेष चहल-पहल थी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और जिला उद्योग केंद्र, बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एमएसएमई रैंप योजना पर एकदिवसीय कार्यशाला में स्थानीय व्यापारियों ने भाग लिया।
यह कार्यशाला, छोटे और मध्यम उद्योगों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इसमें श्रीडूंगरगढ़ औद्योगिक एसोसिएशन के व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो इस क्षेत्र के औद्योगिक विकास के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है।
कार्यक्रम में पीडीकोर लिमिटेड के विशेषज्ञों ने रैंप स्कीम के अंतर्गत तकनीकी सुधार और ऊर्जा ऑडिट के फायदों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे इन उपायों से उद्योगों को अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।
कार्यशाला में राज्य सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने ओडी ओपी (एक जिला एक उत्पाद), एमएसएमई-2024 और निर्यात प्रोत्साहन जैसी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया, जिससे व्यापारियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भंवर लाल ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए तकनीकी उन्नयन के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि तकनीकी सुधार से उद्योग न केवल अधिक सक्षम बनेंगे, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर और भी आगे बढ़ सकते हैं।
जिला उद्योग अधिकारी नरेंद्र कुमार ने कार्यशाला के अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों के माध्यम से सहयोग करने का आश्वासन दिया।
कार्यशाला में व्यापारी ओमप्रकाश बाना, रामदयाल बाना, मूलाराम सहू, विजय सेवग, श्रवण गोदारा, राजूनाथ मंडा समेत कई व्यापारियों ने भाग लिया। उनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि श्रीडूंगरगढ़ के व्यापारी अपने उद्योगों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कितने उत्सुक हैं।
यह कार्यशाला श्रीडूंगरगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना थी। इसने व्यापारियों को न केवल नई जानकारी दी, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपने उद्योगों को विकसित करने के लिए प्रेरित भी किया।