डूंगरगढ़ one 5 जनवरी, 2025 श्रीडूंगरगढ़। कस्बे के कालू रोड स्थित कचरा डंपिंग यार्ड में इंसान की लापरवाही ने गौवंश के लिए मौत का फंदा तैयार कर दिया है। खुले पड़े डंपिंग यार्ड में पॉलिथीन, मेडिकल वेस्ट और इस्तेमाल की हुई सुइयां खाकर सैकड़ों गौवंश असमय मौत के आगोश में जा रहे हैं। हालत यह है कि यार्ड के भीतर इस समय 30 से 35 गौवंश के शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़े हैं, जबकि बीमार और कमजोर गौवंशों को शिकारी कुत्ते नोच रहे हैं।
डंपिंग यार्ड की बदहाली की सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां न तो कोई गेट है और न ही तारबंदी। सड़क से सीधा प्रवेश होने के कारण गौवंश कचरे के ढेर तक पहुंच जाते हैं। खुले आसमान के नीचे बीमार होकर दम तोड़ रहे इन मूक जीवों की सुध लेने वाला कोई नहीं।
इस अमानवीय स्थिति को लेकर आपणो गांव सेवा समिति के सदस्यों ने नगरपालिका ईओ तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा को ज्ञापन सौंपा। समिति ने मांग की कि तत्काल पालिका की बैठक बुलाकर एक कमेटी गठित की जाए, मौके का निरीक्षण हो और डंपिंग यार्ड की चारदीवारी/तारबंदी कर गार्ड की नियुक्ति की जाए। साथ ही यार्ड में मौजूद सभी गौवंशों को सुरक्षित रूप से गौशाला में शिफ्ट किया जाए।
समिति ने यह भी मांग की कि सभी ऑटो टिपर चालकों को लिखित निर्देश दिए जाएं कि किसी भी अस्पताल का मेडिकल वेस्ट डंपिंग यार्ड में नहीं डाला जाए।
समिति ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च अधिकारियों, न्यायालय, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण मंचों पर शिकायत की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान समिति अध्यक्ष जतनसिंह सहित शूरवीर मोदी, नारायण जाट, दिनेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद