जिले में चोरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। खेत-खलिहान हों या शहर की गलियां, हर जगह चोरी की वारदातें आम हो गई हैं। लेकिन इससे भी ज़्यादा निराशाजनक यह है कि पुलिस इन चोरियों का खुलासा करने में तो नाकाम है ही, कई मामलों में तो रिपोर्ट दर्ज करने में भी आनाकानी कर रही है।
पीड़ितों का कहना है कि वे चोरों से तो परेशान हैं ही, थाने में मामला दर्ज कराने के लिए भी उन्हें एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। कुछ लोगों का तो यहाँ तक आरोप है कि पुलिस आंकड़ों को नियंत्रण में दिखाने के लिए पीड़ितों को और भी ज़्यादा परेशान करती है।
जब पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में इतनी देर करती है, तो जांच शुरू होने की उम्मीद करना भी बेमानी है। ऐसे में चोरी हुए सामान की बरामदगी तो दूर की कौड़ी ही लगती है। कई सक्रिय नागरिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब पुलिस सुनवाई में ही इतनी देर कर देती है, तो चोरों का पता कैसे चलेगा?
अपनी मेहनत की कमाई को लुटते देख पीड़ित बुरी तरह से टूट जाते हैं। परिवारों की महिलाएं तो अक्सर डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं। पुलिस के पास बरामदगी के नाम पर गिनाने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं है। कई बड़ी चोरियों में तो पीड़ित आईजी और एसपी तक के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है।
पुलिस की इस उदासीनता का एक और उदाहरण सोमवार को देखने को मिला, जब जिले के अलग-अलग थानों में चोरी के कई मामले कई दिनों बाद दर्ज किए गए।
टेऊ गांव में हुई एक चोरी की रिपोर्ट पीड़ित ने 21 अक्टूबर को दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने उसे सोमवार 27 अक्टूबर को दर्ज किया। इसी तरह, नोखा थाने में कक्कू श्यामलाल पुत्र पेमाराम जाट ने पुलिस को बताया कि 11 अक्टूबर को वह अपनी दुकान चरकड़ा हाउस के सामने कृष्णा मोटर्स एंड टूल्स के गल्ले में 70 हजार रुपए छोड़कर अगरबत्ती लाने गए थे। जब वे वापस आए, तो गल्ला टूटा हुआ था और पेचकश पास में पड़ा था। कोई अज्ञात चोर रुपए लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने सोमवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, कोटगेट थाने में मोहम्मद अनीश पुत्र मोहम्मद हनीफ ने पुलिस को बताया कि 15 अक्टूबर को वे रेलवे ग्राउंड गेट के सामने बाइक खड़ी कर क्रिकेट मैच देखने गए थे। जब वे रात करीब 10:30 बजे लौटे, तो बाइक गायब थी। कोई अज्ञात चोर बाइक ले गया था। पुलिस ने सोमवार को मामला दर्ज किया है।
नयाशहर थाने में जस्सूसर गेट निवासी मुकेश पुत्र गणेशदास स्वामी की चाय की दुकान पर भी चोरी हुई। पुलिस को रिपोर्ट देते हुए पीड़ित ने बताया कि 25 अक्टूबर की रात 11 बजे से 2 बजे के बीच किसी अज्ञात चोर ने उनकी दुकान का ताला तोड़कर गल्ले से रुपए और सामान चुरा लिया। पुलिस ने सोमवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद धूमिल होती जा रही है।