राजमार्गों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बीकानेर पुलिस रेंज ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ट्रैफिक पुलिस की दो इंटरसेप्टर गाड़ियों की तैनाती में व्यापक बदलाव किया गया है। अब ये गाड़ियां जिले के विभिन्न थानों के अधीन रहकर अपनी सेवाएं देंगी।
यह बदलाव एक्सप्रेस-वे और राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से किया गया है। अब ये इंटरसेप्टर गाड़ियां अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ओवरस्पीड वाहनों पर नज़र रखेंगी और चालान काटेंगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चालान से होने वाली कार्रवाई संबंधित पुलिस थानों के खातों में ही दर्ज की जाएगी।
सप्ताह में प्रत्येक दिन, दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में इंटरसेप्टर गाड़ियां तैनात रहेंगी। यह सुनिश्चित किया गया है कि हर थाने को समान रूप से निगरानी का अवसर मिले।
* सोमवार को नोखा और नापासर पुलिस थाना क्षेत्र,
* मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़ और महाजन थाना क्षेत्र,
* बुधवार को नाल और लूणकरणसर थाना क्षेत्र,
* गुरुवार को देशनोक व सेरूणा थाना क्षेत्र,
* शुक्रवार को जामसर और कोलायत थाना क्षेत्र,
* शनिवार को छत्तरगढ़ और व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र,
* रविवार को बीछवाल और पांचू थाना क्षेत्र में ये गाड़ियां तैनात रहेंगी।
बीकानेर रेंज के आईजी (महानिरीक्षक) हेमंत शर्मा द्वारा रोजाना की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी यातायात प्रभारी कानाराम को सौंपी गई है।
आईजी हेमंत शर्मा ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकतर सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ओवरस्पीडिंग है, और इसे नियंत्रित करने के लिए ओवरस्पीड वाहनों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और चालान किए जाएंगे।
पहले, इंटरसेप्टर गाड़ियों द्वारा की गई कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस थाने में दर्ज की जाती थी, लेकिन अब यह संबंधित पुलिस थानों में दर्ज होगी। इससे पुलिस थानों की जिम्मेदारी भी तय होगी और वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए अधिक जवाबदेह होंगे।
इस बदलाव से राजमार्गों पर सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुखद बन सकेगा। यह कदम पुलिस विभाग की सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।