श्रीडूंगरगढ़, 4 नवम्बर 2025। सोमवार की दोपहर जयपुर शहर के हरमाड़ा इलाके में एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने शहर को स्तब्ध कर दिया। एक तेज रफ्तार डम्पर ने अनियंत्रित होकर सड़क पर कोहराम मचा दिया। उसने एक के बाद एक सत्रह गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, मानो कोई दैत्य अपनी भूख मिटा रहा हो।
यह मंजर इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि घटनास्थल पर चीख़-पुकार मच गई। चारों ओर खून बिखरा था, क्षत-विक्षत शरीर पड़े थे। कहीं हाथ अलग पड़ा था, तो कहीं पैर। मानो मौत का नंगा नाच हो रहा था।
सूत्रों के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में सत्ताईस लोग कुचले गए, जिनमें से चौदह ने तो मौके पर ही दम तोड़ दिया। तेरह लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें सात की हालत नाज़ुक बताई जा रही है। घायलों को तत्काल SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टर उनकी जान बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
यह भीषण दुर्घटना हरमाड़ा की लोहा मंडी रोड नंबर 14 पर दोपहर लगभग एक बजे हुई। डम्पर (नंबर RJ14 GP 8724) पेट्रोल पंप की तरफ से हाईवे की ओर जा रहा था। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, डम्पर खाली था, लेकिन उसकी गति इतनी अधिक थी कि वह लगभग तीन सौ मीटर तक लोगों और वाहनों को रौंदता चला गया। सड़क पर हर तरफ खून फैला था और वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे, मानो किसी ने उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया हो।
जांच में यह भी पता चला है कि हादसे से कुछ समय पहले डम्पर चालक की एक कार सवार से कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद उसने गुस्से में गाड़ी की रफ़्तार और बढ़ा दी। विडम्बना यह थी कि डम्पर के पीछे लिखा था, “दम है तो पास कर, वरना बर्दाश्त कर।” यह वाक्य कुछ ही देर में एक क्रूर सत्य में बदल गया।
स्थानीय लोगों ने डम्पर चालक को मौके पर ही पकड़ लिया। कल्याण मीणा नामक यह चालक विराटनगर का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह नशे की हालत में था। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद, DCP ट्रैफिक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए CI (ट्रैफिक) राजकिरण, ASI राजपाल सिंह और कॉन्स्टेबल महेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़कों पर सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है। यह सवाल उठ रहा है कि क्या हमारे शहर की सड़कों पर चलने वाले हर वाहन की गति पर नियंत्रण है? और क्या हम नागरिकों की जान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं?