31 अक्टूबर, 2025 को श्रीडूंगरगढ़ में गोपाष्टमी का पर्व श्रद्धा और सेवा के रंग में डूबा नज़र आया। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर एक अनूठी पहल करते हुए क्षेत्र में निराश्रित घूम रही गोवंश की सेवा का बीड़ा उठाया।
परिषद के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर बेसहारा गायों को खळ और चूरी खिलाई। गायों को प्रेम से भोजन कराते हुए उन्होंने गोसेवा का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी इस पहल का उद्देश्य समाज में गौवंश के प्रति प्रेम और करुणा का भाव जगाना था। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनकी यह कोशिश समाज को यह संदेश देने के लिए है कि हर घर से कम से कम एक गाय को प्रतिदिन खळ मिलनी चाहिए। इससे बेसहारा गायों को पोषण मिलेगा और वे इधर-उधर अपाच्य वस्तुएं खाने से बच सकेंगी।
गोपाष्टमी के इस पावन अवसर पर आयोजित इस सेवा गतिविधि में कई गौभक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने न केवल गायों को भोजन कराया, बल्कि नियमित रूप से गोसेवा करने का संकल्प भी लिया। इस पहल ने गोपाष्टमी के पर्व को और भी सार्थक बना दिया, जो न केवल धार्मिक महत्व का दिन है, बल्कि करुणा और सेवा का भी प्रतीक है।