जगदीश प्रसाद गोदारा, श्रवणराम साईं, निखिल सारस्वत, बाबूलाल शर्मा, किशोर कुमार शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, शिशपाल शर्मा, इमरता राम, मामराज शर्मा और कमल गोदारा सहित कई ग्रामीणों ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गली में जमा गंदा पानी डेंगू जैसी बीमारियों के खतरे को बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि वे कई बार सफाई करवाने और मिट्टी हटवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने 181 पोर्टल पर बार-बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन इसके बावजूद किसी ने भी गली का दौरा नहीं किया। हैरानी की बात है कि पोर्टल पर समस्या का समाधान हो जाने की गलत रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से लेकर पंचायत समिति और 181 पर भी सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गली से स्कूली बच्चों सहित कई लोगों का आना-जाना लगा रहता है, और जलभराव के कारण सभी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है और ग्रामीणों को राहत पहुंचाता है।