श्रीडूंगरगढ़, 20 नवंबर 2025। अंचल में इन दिनों एक अलग तरह की सरगर्मी है। कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता घर-घर दस्तक दे रहे हैं, लोगों को एक गंभीर मुद्दे पर जागरूक कर रहे हैं। मुद्दा है खेती का भविष्य, किसानों की ज़मीन का सवाल।
युवा नेता हरिराम बाना ने बताया कि उनकी टीम ‘खेती बचाओ, किसान बचाओ’ का संदेश लेकर गाँव-गाँव जा रही है। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों के चलते खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है, और उन्हें आशंका है कि कहीं यह सब किसानों की ज़मीनें व्यापारिक घरानों को सौंपने की तैयारी तो नहीं।
बाना ने बताया कि गुरुवार को युवाओं की टोली ने अंचल के एक दर्जन गाँवों का दौरा किया। हेमासर, बेनीसर, भोजास, लखासर, समंदसर, मणकरासर, बींझासर, लोढ़ेरा, गुंसाईसर बड़ा, जैतासर, तोलियासर और ठुकरियासर में उन्होंने ग्रामीणों को पत्रक बांटे और एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। बाना का कहना है कि यह एक षड्यंत्र है, जिसे समझना और विफल करना होगा।
हरिराम बाना ने बताया कि इस मुहिम में युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ता शामिल हैं। गाँवों में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टोली का स्वागत किया और उनका हौसला बढ़ाया। ठुकरियासर में सरपंच अमराराम गांधी और अन्य कार्यकर्ताओं ने, समंदसर में संतोष गोदारा और उनकी टीम ने, मणकरासर में पवन कुमार और उनके साथियों ने, गुंसाईसर बड़ा में राकेश सारण और उनके सहयोगियों ने, बेनीसर में सरपंच प्रतिनिधि बीरबलराम गोदारा और उनकी टीम ने, बींझासर में तोलाराम नैण और उनके साथियों ने, लखासर में गोपालराम खिलेरी और उनकी टीम ने, लोडेरा में गौरीशंकर गोदारा और उनके सहयोगियों ने, और तोलियासर में रूपाराम जाट और उनके साथियों ने टोली का नेतृत्व किया। भोजास और हेमासर में भी अनेक कार्यकर्ताओं ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
इस दौरान ग्रामीणों को पत्रक दिए गए और सरकार की नीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य किसानों को जागरूक करना और उन्हें अपने अधिकारों के लिए एकजुट करना है।