WhatsApp Menu
बदला मौसम का मिजाज, गर्मी में आई सर्दी, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, आंधी बरसात का अलर्ट  |  महिला स्वयं सहायता समूह की वार्षिक आमसभा संपन्न, हस्तनिर्मित उत्पादों की लगाई प्रदर्शनी  |  बिजली विभाग से जुड़ी दो खास अपडेट जरूर पढें एकसाथ  |  रिड़ी- ऊपनी लाइन के रखरखाव के चलते 19 मार्च को 3 घंटे बिजली रहेगी बंद  |  दिल्ली पहुंचे सिद्ध ने की केंद्रीय मंत्री व पदाधिकारियों से मुलाकात, हुई संगठनात्मक चर्चा  | 

कौमी एकता सप्ताह में उमड़ा उत्साह: रैली, निबंध प्रतियोगिता और सेमिनार में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी

सप्ताह की शुरुआत 21 नवंबर को एकता की शपथ के साथ हुई। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनोद कुमारी और डॉ. हिमांशु काण्डपाल के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने सामाजिक और राष्ट्रीय एकता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया। इसके बाद, प्राचार्य डॉ. नवदीप सिंह बैंस ने हरी झंडी दिखाकर साम्प्रदायिक सौहार्द रैली को रवाना किया। यह रैली प्रताप बस्ती से गुजरी, जहाँ छात्राओं ने “अनेकता में एकता – भारत की विशेषता” जैसे नारे लगाकर एकता का संदेश दिया।

24 नवंबर को “साम्प्रदायिक सौहार्द एवं देश का विकास” विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने अपनी लेखनी के माध्यम से अपने विचारों को व्यक्त किया। लाली कंवर ने प्रथम, दीपशिखा सोनी एवं चंद्रमा ठाकुरिया ने संयुक्त रूप से द्वितीय, और सलोनी भाटी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

25 नवंबर को महिला अधिकारिता विभाग के सहयोग से महिलाओं के विरुद्ध हिंसा उन्मूलन अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में विभाग की केंद्र प्रबंधक कविता माहेश्वरी ने छात्राओं को लाडो प्रोत्साहन योजना, आरकेसीएल, कालीबाई भील उड़ान योजना, सामूहिक विवाह अनुदान योजना जैसी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। अधिवक्ता सरिता गोदारा ने घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम, POCSO Act, और सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने SHE पोर्टल, पुकार हेल्पलाइन और विवाह पूर्व संवाद केंद्र के बारे में भी छात्राओं को जागरूक किया। सखी वन स्टॉप सेंटर PBM की केंद्र प्रबंधक संतोष बारिया ने छात्राओं के सवालों का समाधान किया और उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर कौमी एकता सप्ताह का समापन हुआ। NSS इकाइयों ने वंदे मातरम् गायन के साथ भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया। इस प्रकार, यह सप्ताह न केवल एकता और सौहार्द का प्रतीक बना, बल्कि छात्राओं को अपने अधिकारों और देश के संविधान के प्रति जागरूक करने में भी सफल रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़