श्रीडूंगरगढ़ ONE 17 अप्रैल 2026। क्षेत्र के शिक्षा जगत से यह खबर श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों से लगातार कक्षा के हर चौथे विद्यार्थी को 90 प्रतिशत से अधिक अंक दिलवाने का रिकार्ड बनाने वाले भारती निकेतन शिक्षण संस्थान से निकल कर आ रही है। यहां बिना किसी टयूशन, बाहरी कोचिंग के केवल स्कूली शिक्षण प्रयोगों से ही यह सफलता लगातार हासील किए जाने के बारे में क्षेत्रवासियों में खासी जिज्ञासा है एवं यह खबर इसी जिज्ञासा को समाप्त कर रहा है। भारती निकेतन निदेशक श्रीकिशन स्वामी ने बताया कि विद्यालय में लगातार प्रयोगों, रिसर्च के बाद ऐसा टयूशन फ्री स्टड़ी मॉडल बनाया गया है, जो कि प्रतिवर्ष हर घर टॉपर का क्षेत्रवासियों का सपना पूरा कर रहा है। पढ़ें विस्तार से……
ट्यूशन फ्री माहौल एवं सेल्फ स्टेडी पर जोर।
सामान्यतया देखा जाता है कि दसवीं बोर्डपरीक्षा में अधिक अंकों की जद्दोजहद में बच्चे अपना घंटों का समय ट्यूशन, कोचिंग में समय बिताते हैं। लेकिन भारती निकेतन में ऐसा माहौल बनाया गया है कि छात्र स्कूल में ही इतना मजबूत हो जाए कि उसे अलग से कोचिंग की जरूरत ही न पड़े। इससे बच्चों को सेल्फ स्टेडी का पूरा समय मिलता है। सेल्फ स्टेडी के कारण जहां अभिभावकों पर स्कूली फीस के अतिरिक्त कोचिंग, टयुशन फीस का भार नहीं पड़ता वहीं बच्चों में भी आत्मविश्वास और अधिक बढ़ता है।
प्रत्येक बच्चे की प्रोफाईल बना कर व्यक्तिगत केयर।
भारती निकेतन में प्रत्येक कक्षा में सीमित संख्या में ही विद्यार्थियों को रखा जाता है एवं प्रत्येक बच्चे के सीखने, याद रखने, समझने आदि क्षमताओं के अनुसार पर्सनल प्रोफाईल बनाई जाती है। इस प्रोफाईल के आधार पर शिक्षक हर छात्र पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे पाते हैं और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों द्वारा उनकी अलग अलग कमजोरियों पर काम कर बच्चों को श्रेष्ठता की और ले जा पाते है।
अनुभवी शिक्षकों की मजबूत टीम
भारती निकेतन की सफलता के पिछे उनकी स्थाई एवं उच्च प्रशिक्षित शिक्षण टीम है। संस्थान में लगातार पिछले 15 वर्षों से जुड़े अनुभवी शिक्षक यहाँ निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अन्य जगहों पर प्रतिवर्ष स्टाफ बदलने के क्रम के कारण बच्चे शिक्षकों के साथ अपनी समझ विकसीत नहीं कर पाते एवं भारती निकेतन में विषयाध्यापकों की निरंतर सेवाएं बच्चों के साथ सरल एवं सहज समझ बना लेती है।
अनुशासित एवं समयबद्ध सिलेबस सिस्टम।
भारती निकेतन में कक्षा का कोर्स कब तक पूरा करना है, इस संबध में अनुशासित एवं समयबद्ध सिलेबस सिस्टम विकसीत किया गया है। यहां निर्धारित दिनों में ही सिलेबस को पुरा करवा कर बच्चों की पर्सनल प्रोफाईल के अनुसार किसी छात्र को कैसे पढ़ाना है इसकी सटीक योजना बनाई जाती है। पूर्णतया समयबद्ध चरणों में चलने वाले इस क्रम की निरंतरता बच्चों को स्वत: ही श्रेष्ठ बना देती है।
अधिकतम प्री-बोर्ड टेस्ट।
सिलेबस पुर्ण करने के बाद भारती निकेतन में अधिकतम संख्या में नियमित रूप से प्री-बोर्ड टेस्ट लेकर बच्चों को परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार किया जाता है। एकदम बोर्ड परीक्षा के पेर्टन पर ही होने वाले इन टेस्टों को देने से बच्चों में परीक्षा का भय पूर्णतया समाप्त हो जाता है एवं बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे परीक्षा के दौरान बिना घबराहट के परीक्षा देने वो बच्चों के प्रदर्शन सुधार आ जाता है।
लड़कियों और लड़कों की अलग-अलग कक्षाएं।
भारती निकेतन स्कूल में विद्यार्थियों को केवल और केवल अध्ययन के लिए ही केन्द्रीय रखा जाता है एवं बेहतर फोकस और अनुशासन बनाए रखने के लिए लड़कों एवं लडकियों की अलग-अलग कक्षाएं संचालित की जाती हैं।
40% तक अंक बढ़ाने की तैयारी, गारंटी के साथ
भारती निकेतन स्कूल द्वारा यहां प्रवेशित प्रत्येक छात्र के अंकों में 40% तक सुधार लाने की विशेष तैयारी, पूर्ण रणनीति के साथ करवाई जाती है। यहां बच्चों की प्रोफाईल तैयार करने के दौरान ही उसके गत कक्षाओं एवं गत शिक्षण संस्थाओं में रहे प्रदर्शन को नोटिस कर लिया जाता है एवं विभिन्न अंक प्रयोगों के माध्यम से बच्चों के अंकों में गारंटी के साथ 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करवाई जाती है।
भारती निकेतन शिक्षण संस्थान के यह तरीके इसे अन्य शिक्षण संस्थानों से अलग बनाती है एवं यही कारण है कि भारती निकेतन अब सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि टॉपर्स की फैक्ट्री बन चुका है। विद्यालय निदेशक गिरधर स्वामी ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के बेहतरीन भविष्य के लिए संस्थान में प्रवेश शुरू है एवं अधिक जानकारी के लिए 8854917965, 8696626052, 7014444381 सम्पर्क किया जा सकता है।