श्रीडूंगरगढ़ ONE 18 मार्च 2026। गत 24 फरवरी 2026 को गांव ऊपनी के विवेकानंद मॉडल स्कूल में आवारा कुत्तों के हमले में घायल हुए चार साल के मासूम रामनाथ की हालात ने जिले में हर एक संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर दिया था। बच्चे के सिर पर गहरे घाव हो गए थे, चमड़ी नोंच ली गई, कान प्रभावित हुआ और सिर की हड्डी तक जख्म पहुंच गए थे। रेबीज वैक्सीन की तीन डोज लगने के बाद, बच्चे का इलाज पीबीएम अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में हुआ। जहां प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस जटिल सर्जरी को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पूरी तरह से नि:शुल्क किया गया है। प्लास्टिक सर्जन डॉ. अजयपाल चौधरी ने एंटीरियर स्कैल्प ट्रांसपोजिशन एवं पोस्टीरियर स्कैल्प रोटेशन फ्लैप की उन्नत तकनीक का उपयोग कर सिर के बड़े घाव को सफलतापूर्वक बंद किया। यह फ्लैप तकनीक स्कैल्प (सिर की त्वचा) के आसपास के स्वस्थ ऊतकों को स्थानांतरित कर घाव को कवर करने में मदद करती है। जिससे सौंदर्य और कार्यात्मक दोनों दृष्टि से बेहतर परिणाम मिलते है। डॉ. अजयपाल चौधरी ने बताया कि यह सर्जरी काफी जटिल थी, क्योंकि सिर के बड़े हिस्से पर गहरी चोट थी और हड्डी तक पहुंच गई थी। लेकिन टीम के प्रयासों से बच्चे के परिवार को कोई आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ा। अस्पताल में प्राथमिकता से उपचार दिया गया। पहले रेबीज प्रोटोकॉल पूरा किया, फिर घाव की सफाई और अंत में प्लास्टिक सर्जरी। डॉ ने बताया कि सफल ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत स्थिर हुई और आज (मार्च 2026) उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। ईलाज के दौरान ट्रोमा इंचार्ज डॉ कपिल ने भी संवेदनशीलता बरती व विभिन्न विभागों में समन्व्य कर बच्चे व परिजनों का सहयोग किया। बच्चे के परिवार ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आभार जताया है।