श्रीडूंगरगढ़, 27 अगस्त, 2025। साहित्य के अनुरागियों के लिए 31 अगस्त का दिन एक सौगात लेकर आ रहा है। राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ़, एकल काव्य पाठ श्रृंखला के अंतर्गत संस्कृति भवन में “गीतों का गजरा” नामक एक मोहक कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
इस विशेष अवसर पर, चूरू के जाने-माने गीतकार अनिल कुमार ‘रजन्यंश’ अपनी कविताओं और गीतों की अनूठी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने के लिए तैयार हैं।
संस्था के मंत्री रवि पुरोहित के अनुसार, यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात कवि श्याम महर्षि करेंगे, जबकि प्रतिष्ठित गीतकार छैलू चारण ‘छैल’ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। शिक्षाविद् और कवयित्री डॉ. विमला महरिया ‘मौज’ विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी। कार्यक्रम के संयोजन की जिम्मेदारी युवा साहित्यकार भगवती पारीक ‘मनु’ निभा रहे हैं।
अनिल कुमार ‘रजन्यंश’ की बात करें तो, वे एक शिक्षक होने के साथ-साथ काव्य मंचों पर श्रृंगार और वीर रस के गीतों से श्रोताओं को बांधे रखने की कला में माहिर हैं। उनकी रचनाएं, जो हिंदी और राजस्थानी दोनों भाषाओं में हैं, नियमित रूप से विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। कविता, कहानी, गीत, छंद और ग़ज़ल, लगभग हर साहित्यिक विधा में उनकी सक्रिय भागीदारी है।
युवा प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से, उन्होंने चूरू में काव्यशाला नामक एक संस्थान की स्थापना की है। उनकी रचनाएं कई साझा संकलनों में भी प्रकाशित हो चुकी हैं, जिससे उनकी साहित्यिक यात्रा और भी समृद्ध हुई है।
‘गीतों का गजरा’ कार्यक्रम साहित्य प्रेमियों के लिए एक ऐसा अवसर होगा, जहाँ वे शब्दों की सुंदरता और संगीत की मधुरता का एक साथ अनुभव कर सकेंगे।