मरुभूमि की धूल भरी आंधी के बीच, एक छोटी सी भूल ने एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से आई खबर के अनुसार, एक 12 वर्षीय बालिका की कीटनाशक पीने से मृत्यु हो गई।
घटना 28 सितंबर की है, जब लूणकरणसर थाना क्षेत्र के सुरणाना गाँव में पूनमचंद मेघवाल अपने खेत में मोठ की फसल पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहे थे। उनकी बेटी, निर्जला, खेलते-खेलते प्यासी हो गई। अनजाने में, उसने कीटनाशक से भरे गिलास को पानी समझकर पी लिया।
तुरंत ही निर्जला की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन आठ दिन की पीड़ा के बाद रविवार को उस नन्ही जान ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।
मृतक बालिका के चाचा, भोमाराम मेघवाल ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाया और शव को परिवार को सौंप दिया। मामले की जांच अब थानाधिकारी गणेश कुमार द्वारा की जा रही है। इस घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर फैला दी है। हर कोई उस मासूम बच्ची के बारे में सोचकर दुखी है, जिसकी जिंदगी एक छोटी सी लापरवाही की भेंट चढ़ गई।
उधर, गंगाशहर थाना क्षेत्र से एक और हृदयविदारक खबर आई है। एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
चंद्रप्रकाश सोलंकी ने पुलिस को बताया कि उनके पिता, प्रेम पुत्र किशनलाल सोलंकी, जो मूल रूप से सूरतगढ़ के निवासी थे और हाल ही में गंगाशहर में रह रहे थे, ने शनिवार रात करीब 12 बजे अपने घर में फांसी लगा ली।
पुलिस ने मर्ग दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। हेड कांस्टेबल सवाईसिंह इस मामले की जांच कर रहे हैं। प्रेम सोलंकी ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर जीवन की अनिश्चितता और अकेलेपन के अंधेरे पक्ष को उजागर किया है।