डूंगरगढ़ one 9 दिसम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। राज्य सरकार की आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत बीकानेर जिले की 5 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें श्रीडूंगरगढ़ की बाडेला ग्राम पंचायत को विशेष रूप से शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों, योग, संतुलित जीवनशैली और रोगों की रोकथाम को बढ़ावा देना है।
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने शासन सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा 2025-26 के अंतर्गत शुरू की गई यह योजना गांवों को स्वास्थ्य के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगी।
पहले चरण में हर जिले की 5 पंचायतें चयनित
आयुर्वेद विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार ने बताया कि पहले चरण में प्रदेशभर से 210 ग्राम पंचायतों को चुना गया है। प्रत्येक पंचायत में 18 स्वास्थ्य सूचकांकों पर काम किया जाएगा। इन सूचकांकों पर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने वाली पंचायत को सरकार की ओर से 11 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
श्रीडूंगरगढ़ की बाडेला को मिला मौका
बीकानेर जिले से चयनित पंचायतों में-
- श्रीडूंगरगढ़ की बाडेला
- बीकानेर की कोलासर
- कोलायत की हदां व गुढ़ा
- पूगल की रामनगर
शामिल हैं। आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक डॉ. सागर मल शर्मा ने बताया कि बाडेला पंचायत में आहार-विहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या, प्रकृति परीक्षण सहित आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य मॉडल लागू किया जाएगा।
आरोग्य सखी और मित्र संभालेंगे जिम्मेदारी
चयनित पंचायतों में आरोग्य मित्र व आरोग्य सखियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये गांव-गांव जाकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, शिशुओं और किशोरियों को घरेलू उपचार, योग-व्यायाम, बीपी-ब्लड शुगर जांच, नशामुक्ति और प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में जागरूक करेंगे।
कई विभाग मिलकर करेंगे काम
योजना को सफल बनाने में पंचायती राज, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सूचना एवं जनसंपर्क सहित अन्य विभागों की सहभागिता रहेगी। प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की बाडेला पंचायत को मॉडल हेल्दी ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।