निर्वाचन अधिकारी सुशील सेरड़िया ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए श्रीगोपाल राठी, उपाध्यक्ष पद के लिए एडवोकेट मोहनलाल सोनी और मंत्री पद के लिए गजानंद सेवग निर्विरोध चुने गए। तीनों ही पदों के लिए केवल एक-एक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसके चलते सर्वसम्मति से इन नामों की घोषणा कर दी गई।
विद्यालय भवन में आयोजित इस बैठक में, सदस्यों ने निवर्तमान मंत्री जगदीश स्वामी द्वारा प्रस्तुत संस्था के आय-व्यय विवरण प्रतिवेदन को भी सर्वसम्मति से पारित किया।
नए पदाधिकारियों के नामों की घोषणा के बाद, उपस्थित सदस्यों ने करतल ध्वनि से उनका अभिनंदन किया।
अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद श्रीगोपाल राठी ने अपने संबोधन में कहा कि नई कार्यकारिणी पूरी गंभीरता के साथ विद्यालय भवन के लंबित निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने विद्यालय के विकास के लिए सभी सदस्यों से सक्रिय सहयोग की अपील की और सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
नवनियुक्त उपाध्यक्ष एडवोकेट मोहनलाल सोनी और मंत्री गजानंद सेवग ने भी विद्यालय के विकास के लिए सकारात्मक सुझाव दिए।
बैठक में रामेश्वरलाल तोषनीवाल, भीकमचंद तापड़िया, निर्मल कुमार पुगलिया, संजय कुमार कर्वा, ललित बाहेती, सुरेश भादानी, रमेश कुमार बिहानी, सत्यनारायण स्वामी सहित कई सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
यह चुनाव महाराणा प्रताप विद्यापीठ संस्थान के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। नई कार्यकारिणी के कंधों पर अब विद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी है। सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और नई कार्यकारिणी के उत्साह को देखते हुए, यह उम्मीद की जा सकती है कि संस्थान जल्द ही विकास के एक नए युग में प्रवेश करेगा।