श्रीडूंगरगढ़ में खरीदी बेहिसाब सम्पत्तियां, 15 साल की नौकरी, 17 लाख की सैलरी… और 939 गुना ज्यादा संपत्ति
डूंगरगढ़ one 14 फरवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। बीकानेर में पंचायती राज विभाग के जूनियर असिस्टेंट शुभकरण परिहार पर हुई एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की रेड के बाद चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
जांच में सामने आया कि शुभकरण ने 15-16 साल की सरकारी नौकरी में महज 17 लाख रुपए वेतन कमाया, लेकिन इसके बावजूद वह 17 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन, करोड़ों के गहने और भारी नकदी का मालिक निकला।
https://www.facebook.com/share/r/1CGTZc3zos/
साधारण किसान परिवार से निकला, नौकरी लगते ही बदल गई किस्मत
पूनरासर गांव निवासी शुभकरण परिहार बेहद साधारण ग्रामीण परिवार से आता है। पिता खेती-बाड़ी करते थे, तीन भाई मजदूरी और कपड़े का काम करते हैं।
साल 2010 में शुभकरण की पंचायत विभाग में नौकरी लगी। इससे पहले उसके पास सिर्फ गांव में एक छोटा सा प्लॉट था।
लेकिन नौकरी लगने के बाद उसका रहन-सहन और जीवनशैली पूरी तरह बदल गई।
6 महीने से ACB की नजर में था शुभकरण
स्थानीय स्तर पर शुभकरण की पहचान एक भ्रष्ट कर्मचारी के रूप में बन चुकी थी।
सूत्रों के मुताबिक:
- वेतन के मुकाबले महंगा लाइफस्टाइल
- लगातार प्रॉपर्टी और सोने में निवेश
- संदिग्ध गतिविधियां
इन शिकायतों के आधार पर ACB ने पिछले 6 महीने तक गुप्त निगरानी की और फिर एक साथ कार्रवाई की।
5 ठिकानों पर रेड, गिनती के लिए मंगानी पड़ी मशीन
ACB ने बीकानेर शहर और ग्रामीण इलाकों में शुभकरण के 5 ठिकानों पर एक साथ रेड डाली।
रेड के दौरान:
- 76 लाख रुपए नकद (गत्ते के कार्टन में छुपाकर रखे)
- करीब 2.25 करोड़ का सोना
- 7.5 लाख की चांदी
- स्कॉर्पियो, स्विफ्ट कार, बुलेट और बाइक
- करोड़ों के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज
नकदी इतनी ज्यादा थी कि गिनती के लिए काउंटिंग मशीन मंगानी पड़ी।
श्रीडूंगरगढ़ में कहां है सम्पत्तियां
वर्ष 2007 में कालू रोड पर 60 गुणा 40 का प्लॉट खरीदा।
वर्ष 2024 में पूनरासर में कुल 4 फार्म खरीदे।
वर्ष 2023 में पूनरासर की रोही में खेत खरीदा।
वर्ष 2022 में पूनरासर में खेत खरीदा।
(यह सब पत्नी के नाम है।)
वर्ष 2021 में पूनरासर में नया मकान बनाया।
2018 में पूनरासर की रोही में खेत खरीदा।
(यह स्वयं के नाम है।)
एक ही साल में 5 जमीन सौदे, पत्नी के नाम खरीदी संपत्ति
जांच में सामने आया कि शुभकरण ने सबसे ज्यादा निवेश जमीन और फार्म हाउस में किया।
- सिर्फ 2024 में पत्नी के नाम 5 बड़ी प्रॉपर्टी डील
- अब तक 11 से ज्यादा संपत्तियां पत्नी सरिता के नाम
- कई जमीनें “गिफ्ट” दिखाकर ट्रांसफर
ACB के अनुसार यह तरीका आमतौर पर आय छुपाने और बेनामी संपत्ति बनाने में अपनाया जाता है।
नौकरी का दायरा छोटा, लेकिन खेल बड़ा
शुभकरण पहले रोजगार सहायक और बाद में कनिष्ठ सहायक (ऑफिस असिस्टेंट) के पद पर कार्यरत रहा।
उसके जिम्मे रहे काम:
- महात्मा गांधी नरेगा के जॉब कार्ड और मस्टर रोल
- जिओ-टैगिंग और भुगतान से जुड़ा रिकॉर्ड
- पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का दस्तावेजीकरण
- सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन
यानी फाइल, रिकॉर्ड और अनुमोदन, जहां गड़बड़ी की पूरी गुंजाइश।
ACB का दावा: ईमानदारी से संभव नहीं इतनी संपत्ति
ACB अधिकारियों का कहना है कि:
- शुभकरण के पास वेतन के अलावा कोई वैध आय स्रोत नहीं
- फिर भी करोड़ों की संपत्ति
- यह सब ईमानदार कमाई से संभव नहीं
इसी आधार पर शुभकरण के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।
आगे क्या?
अब ACB:
- पूरी संपत्ति का मूल्यांकन करेगी
- बेनामी और अवैध संपत्ति की कुर्की संभव
- चार्जशीट के बाद निलंबन और गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है
पंचायत स्तर पर यह मामला सिस्टम में गहराई तक बैठे भ्रष्टाचार की बड़ी मिसाल बनता जा रहा है।