श्रीडूंगरगढ़ ONE 22 दिसंबर 2025। सेरूणा के तेजा गार्डन में आयोजित भक्तिमय भागवत कथा में जमकर भक्ति रसगंगा बह रही है और श्रद्धालु इसमें आनंद व उल्लास के साथ गोते लगा रहें है। सोमवार को कथा वाचक गौरव कृष्ण गोस्वामीजी ने महारास के आध्यात्मिक व सांसारिक लीला का वर्णन किया तो श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में झूम उठे। मुरली जोरकी बजाई रे नंदलाला भजन के गायन पर ग्रामीण महिलाएं व युवतियां कृष्ण प्रेम में नृत्य करने लगी। गोस्वामीजी ने गोवर्धन पर्वत को श्रीकृष्ण द्वारा ऊंगली पर उठाने की कथा का भाव भरा वर्णन करते हुए जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि दु:खो का पहाड़ आए तो हाथ पर हाथ रखकर मत बैठना, हिम्मत की लाठी लगाओ तो भगवान दु:खो का पहाड़ उठा लेंगे। महाराज ने कृष्ण के मथुरा गमन, कुब्जा उद्धार, उद्धभव गोपी संवाद सुनाया। कथावाचक ने कृष्ण रूक्मणी विवाह प्रसंग का गीत संगीत के साथ विस्तार किया और सुंदर झांकी सजाई गई। उन्होंने जीवन में संगत अच्छी ही करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जैसा करें संग वैसा पड़े रंग, संग का प्रभाव पड़ता है तो आप सभी संग का ध्यान रखें। श्रीडूंगरगढ़ निवासी व दिल्ली प्रवासी राधाकृष्ण करनाणी परिवार द्वारा आयोजित भव्य कथा में 6वें दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। रूक्मणी विवाह पर उपहार बांटे गए व खूब जयकारे लगाए गए। अनेक श्रद्धालु आनंद से भाव विभोर हो गए।
मंगलवार की कथा सुबह 9 बजे होगी प्रारंभ, खेलेंगे भक्त फुलों की होली।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। मंगलवार को सुबह कथा 9 बजे प्रारंभ होगी। श्रीडूंगरगढ़ से सभी बसें व वाहन सुबह 8 बजे रवाना होंगे। वहीं 1 बजे कथा संपन्न होने के बाद हवन पूजन किया जाएगा। कथावाचक गौरव कृष्ण गोस्वामीजी ने बताया कि कल की कथा में सभी श्रद्धालु पुष्प लेकर आवें। क्योंकि पांडाल में कथा विश्राम से पूर्व कृष्ण के संग ब्रज की प्रसिद्ध फुलों की होली के खेल का आयोजन उल्लास के साथ होगा। जिसमें सभी श्रद्धालु कृष्ण रंग में झूमेंगे।