श्रीडूंगरगढ़ ONE 22 दिसंबर 2025। तेरे दर्शन की प्यासी गुजरिया रे… भजन पर कथा पांडाल में श्रद्धालु झूम उठे। सेरूणा के तेजा गार्डन में राधाकृष्ण करनाणी परिवार द्वारा आयोजित भक्तिमय भागवत आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रद्धा के सागर में गोते लगा रहें है। प्रसिद्ध कथा वाचक गौरव कृष्ण गोस्वामीजी ने रविवार को पांचवे दिन की कथा में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने भाव महत्व बताते हुए कहा कि ह्रदय में भाव है, तो हर दिन उत्सव है। गोस्वामीजी ने कहा कि परमात्मा को आनंद स्वरूप बताते हुए कहा कि जिसके ह्रदय में आनंद आ जाए वही परमात्म स्वरूप का ज्ञान कर पाता है। उन्होंने सुख व आनंद में अंतर की व्याख्या करते हुए कहा कि हर व्यक्ति आनंद की खोज ही कर रहा है, क्योंकि वह सत्य है, परंतु सुख दुख के चक्र में भूल जाते है और क्षणिक सुख को आनंद समझ बैठते है। उन्होंने कहा सच्चा आनंद भक्ति भजन में है। महाराज ने ब्रज की गोपियां, बाल गोपाल, गाय बछड़ों के साथ भगवान कृष्ण के बाल रूप की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। बलराम द्वारा गर्धवासुर उद्धार, मालिनी को हुए हरि दर्शन, कृष्ण द्वारा माँ यशोदा को मुख में ब्रह्मांड दर्शन, कुबेर के वृक्ष रूप में खड़े दो पुत्रों के उद्धार की कथाएं सुनाई। गोस्वामीजी ने अहंकार और क्रोध का त्याग करने की प्रेरणा देते हुए इंद्र के अभिमान मर्दन की कथा सुनाई। इस बीच गोवर्धनजी के पूजन व परिक्रमा का महत्व बताया। कृष्ण की सुदंर झांकी सजाई गई और गिरीराज जी को छप्पन प्रकार के मिष्टान्न भोग लगाए गए। आज कथा के छठवें दिन रास लीला का संसारी व आध्यात्मिक महत्व का वर्णन करते हुए रूक्मणी विवाह की कथा, झांकी का आयोजन होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए सेरूणा, श्रीडूंगरगढ़ सहित आस पास के गांवो से पहुंच रहें है। बीकानेर से भी प्रसिद्ध कथावाचक के दर्शन करने श्रद्धालु सेरूणा पहुंच रहें है।