श्रीडूंगरगढ़ ONE 18 दिसंबर 2025। तीन साल से लगातार मोहल्लेवासी गली की सफाई करवाने की मांग करते हुए समस्या समाधान की गुहार लगा रहें है। 181 संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई तो उत्तर आया निस्तारण कर दिया गया है, जबकि मौके पर हाल ये है कि गली में करीब दो किलोमीटर दूरी के क्षेत्र में पसरी गंदगी के कारण गली में पैदल चलना मुश्किल हो गया है।
ये हाल है गांव ठुकरियासर के वार्ड एक में, जहां गंदे पानी की निकासी की सुविधा नहीं होने से मोहल्लेवासी बुरी तरह से परेशान हो गए है। इस गली में रहने वाले भोमाराम मोटसरा, प्रभुराम मोटसरा, राजाराम मोटसरा, रामलाल नाई, कोजूराम मोटसरा, नानूराम मोटसरा, संतोष मोटसरा, विजय सारस्वत ने बताया कि तीन साल में दो बार सड़क का निर्माण किया गया परंतु पानी निकासी का फिर भी प्रबंधन नहीं किया गया जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गली के बदतर हालातों के कारण बुजुर्ग घरों में कैद हो गए है और स्कूली बच्चों का भी यहां से गुजर कर स्कूल जाना दुष्कर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन के जिम्मेदारों की ओर से संपर्क पोर्टल पर झूठी अपडेट डाल दी जाती है, जबकि धरातल पर स्थिति वही है, जिसके निस्तारण की मांग की गई है। मोहल्लेवासियों ने कहा कि इस गंदगी के कारण मानवों में तो क्या पशुओं में भी बीमारी फैलने का डर मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत का खाता बंद है और प्रशासन गांव के काम करने में रूचि नहीं ले रहें है।
पीने के पानी के लिए परेशान ग्रामीण।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। गांव में 1400 घरों की आबादी है और पेयजलापूर्ति के लिए मात्र एक ट्यूबवेल है। जिससे आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजलापूर्ति टेंकरों से करवा लोग परेशान हो गए है। साधारण परिवारों में निजी ट्यूबवेलों से सिर पर पानी ढोकर आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अनेकों बार एक ओर ट्यूबवेल के निर्माण की मांग की गई है परंतु सुनवाई नहीं हो रही है।
“ये गांव की मुख्य गली के साथ धोलिया मार्ग है, सैंकड़ो वाहनों का आवागमन भी रहता है। यहां नाली निर्माण कर पानी निकासी का प्रबंधन करने से निस्तारण होगा और इस संबंध में अधिकारियों व विधायक से कई बार समस्या समाधान की मांग की है। परंतु कोई आंख ही नहीं खोल रहें है। राजनीति के चक्कर में जनता परेशान हो रही है। ठुकरियासर में पेयजल आपूर्ति विकराल समस्या बन गई है परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” सरपंच व प्रशासक अमराराम