श्रीडूंगरगढ़ ONE 17 दिसंबर 2025। गांव सेरूणा के तेजा गार्डन में आयोजित भागवत कथा में पहले दिन ही भक्ति व श्रद्धा का आनंद बरसने लगा। सुंदर भजनों व कीर्तन के साथ कथा श्रवण के दौरान पांडाल में भक्तिमय माहौल की रचना हुई। प्रसिद्ध कथावाचक गौरव कृष्ण गोस्वामीजी द्वारा संगीतमय कथा रसपान करवाते हुए श्रद्धालुओं को वृंदावन भूमि, भक्ति, मुक्ति, जीवन संबंधी अनेक ज्ञान परख सीख भी दी। महाराज ने पहले दिन कथा का माहात्म्य सुनाया। महाराज ने कहा कि कथा में विज्ञ होकर नहीं अज्ञ होकर सुने और ह्रदय में भक्ति भाव को स्थान देवें। उन्होंने कहा कि आत्मा व परामात्मा सत्य है, शरीर और संसार नश्वर है, असत्य है। उन्होंने जीवन में बोलने से पहले विचार करने, मरने से पहले जीवन जीना सीखने की बात कही। कथावाचक ने भक्ति व भगवत प्रेम की महिमा बताते हुए मुक्ति को भक्ति की दासी बताया। महाराज ने भक्ति, ज्ञान व वैराग्य का महत्व बताया। धुंधुकारी व गौकर्ण की कथा सुनाते हुए महाराज ने कहा कि भगवान से लोकजीवन में संस्कारी बेटी देने और असंस्कारी बेटा ना देने की प्रार्थना करने की बात कही। उन्होंने कथा को सभी बंधन काटकर मोक्ष प्रदान करने वाली बताया। महाराज ने आयोजक परिवार के मुख्य यजमान राधाकृष्ण करनाणी व उनकी पत्नी लीलादेवी करनाणी का आभार जताया। पहले दिन की कथा में करनाणी परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।