घटनाक्रम के अनुसार, सेरूणा थाना क्षेत्र के एक गांव में घटित इस घटना में, मृतका की माँ ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में उन्होंने खेत में काश्त करने वाले ओंकारनाथ और जोराराम नायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। माँ का आरोप है कि इन दोनों ने उनकी बेटी के साथ जबरदस्ती गलत काम करने की कोशिश की और जब उन्होंने शोर सुनकर मौके पर पहुँचकर विरोध किया, तो आरोपियों ने उनकी बेटी को डिग्गी में फेंककर मार डाला।
पीड़िता की माँ के अनुसार, वे अपनी बेटी राजलक्ष्मी के साथ खेत में बने एक झोंपड़े में रहती थीं। उनका बेटा काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था। उन्होंने खेत मदन बाना को ठेके पर दे रखा था, जिसने बेनीसर निवासी ओंकारनाथ को काश्तकार के रूप में रखा था। ओंकारनाथ ने जोराराम नायक को मजदूरी के लिए बुलाया था।
परिवादिया ने पुलिस को बताया कि 3 दिसंबर की रात लगभग 10:30 बजे जोराराम ने उनसे चाय बनाने के लिए कहा। जब उन्होंने मना कर दिया, तो उसने बार-बार सर्दी का हवाला देते हुए चाय बनाने का आग्रह किया। आखिरकार, उन्होंने चाय बना दी और अपनी बेटी राजलक्ष्मी को ओंकारनाथ को देने के लिए भेजा। माँ के अनुसार, चाय देने के कुछ ही देर बाद राजलक्ष्मी के चिल्लाने की आवाजें आईं। जब वह दौड़कर मौके पर पहुँची, तो उन्होंने देखा कि ओंकारनाथ और जोराराम ने राजलक्ष्मी को दबोच रखा था और उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे।
परिवादिया ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने शोर मचाया, तो दोनों आरोपियों ने युवती को डिग्गी में फेंक दिया। उन्होंने हाथापाई कर उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर वहां से भगा दिया। रात में ही परिवादिया ने अपने परिवार को सूचना दी। सुबह पुलिस मौके पर पहुँची और शव को बाहर निकलवाया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच का जिम्मा सीओ निकेत पारीक को सौंपा गया है।
इस बीच, बीती रात बड़ी संख्या में लोग सेरूणा थाने पहुंचे और मृतका की माता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कराया गया। शुक्रवार की सुबह, लोगों ने शव को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
एक और चौंकाने वाली घटना में, परिवादिया ने पुलिस को एक और रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में उन्होंने आरोप लगाया है कि जब उनका परिवार थाने और अस्पताल में था, तब आरोपियों ने पीछे से उनके घर में चोरी की। परिवादिया का आरोप है कि आरोपियों के रिश्तेदार ट्रॉली लेकर आए और 23 बीघा की लगभग 300 क्विंटल मूंगफली ट्रॉलियों में भरकर ले गए।
इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता को उजागर किया है।