अहमदाबाद के सोजाली स्थित जसनाथजी मंदिर में यह आयोजन होगा। शनिवार की शाम 6:15 बजे ज्योत दर्शन के साथ इस आध्यात्मिक यात्रा का आरंभ होगा। इसके बाद, रात्रि 8:15 बजे सबद गायन होगा, जो भक्ति और प्रेम की भावना को जागृत करेगा। रात 10:30 बजे से अग्नि नृत्य का आयोजन होगा, जो इस अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उसी दिन, शाम 7:15 बजे से महाप्रसादी का आयोजन होगा, जिसमें सभी भक्तजन साथ मिलकर भोजन करेंगे और प्रेम एवं सद्भाव का संदेश देंगे। इस धार्मिक समारोह का आयोजन परमहंस संत सोमनाथजी महाराज, लिखमादेसर के सान्निध्य में होगा। हंसोजी धाम के महंत भंवरनाथजी सिद्ध के सान्निध्य में जागरण का आयोजन होगा। महाप्रसादी के लाभार्थी रीड़ी निवासी रमेश, सावर, सूरज पुत्र धूड़नाथ जाखड़ होंगे।
बीरबल नाथ के अनुसार, सोजाली, अहमदाबाद में यह मंदिर इंद्राराज बरड़िया परिवार सरदारशहर द्वारा निर्मित है। इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रीडूंगरगढ़, राजस्थान क्षेत्र के गुजरात प्रवासी सिद्ध समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
उधर, श्रीडूंगरगढ़ के आड़सर बास में स्थित ठाकुरजी (मूंधड़ा) मंदिर में कल पूर्णिमा उत्सव का आयोजन होगा। मंदिर परिसर में गुरूवार सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक सुदंरकांड के पाठ का आयोजन होगा, तथा 11:30 बजे भगवान सत्यनारायण की कथा का वाचन किया जाएगा। 12 बजे आरती होगी व उसके बाद प्रसाद वितरण के साथ उत्सव संपन्न होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे।
ये दोनों ही आयोजन, भक्ति और श्रद्धा के प्रतीक हैं, जो लोगों को एक साथ लाने और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने का एक सुंदर अवसर हैं।