उत्तरी भारत में जैसे-जैसे बर्फ की चादर पहाड़ों को ढंकने लगी है, सर्द हवाओं का रुख मैदानों की ओर मुड़ गया है। वहीं, दूसरी ओर, दक्षिणी भारत में ‘दितवाह’ चक्रवात का प्रभाव अभी भी बना हुआ है, जिसके चलते तटीय क्षेत्रों में वर्षा जारी है।
इस बदलते मौसम के बीच, राजस्थान के कुछ जिलों में मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिलों में आगामी 3 से 7 दिसंबर तक शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। बीकानेर और चूरू में तो कल से ही शीतलहर चलने और तापमान में गिरावट आने के आसार हैं।
मौसम विभाग के निदेशक के अनुसार, बीकानेर में 3 से 7 दिसंबर तक शीतलहर का प्रभाव रहेगा और इस दौरान तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन बीकानेर में मावठ (शीतकालीन वर्षा) की संभावना कम ही है।
मौसम की इस करवट से जहाँ एक ओर आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है, वहीं दूसरी ओर कृषि क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। इन दिनों तापमान में सामान्य से कमी के कारण किसान सरसों की फसल को लेकर चिंतित थे। लेकिन अब ठंड बढ़ने से उन्हें कुछ राहत मिली है।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक रघुवारदयाल सुथार ने बताया कि फिलहाल मौसम फसलों के लिए अनुकूल है। क्षेत्र में सरसों की बुवाई लगभग 90 प्रतिशत हो चुकी है, और गेहूं व जौ की बुवाई का कार्य जारी है, जो 15 दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। सुथार ने यह भी बताया कि ठंड बढ़ने के साथ यदि नमी बनी रहती है तो किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
इस खबर के आलोक में, यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में मौसम किस तरह से बदलता है और इसका विभिन्न क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ता है।