29 नवंबर, 2025 को श्रीडूंगरगढ़ के पंचायत समिति परिसर में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय वयोश्री योजना और एडीप योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम बनाना था।
शनिवार के दिन, उपखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बुजुर्ग और दिव्यांगजन इस शिविर में पहुंचे। उनकी आंखों में उम्मीद थी और दिल में बेहतर जीवन की आस। शिविर का वातावरण सेवा और सहयोग की भावना से ओत-प्रोत था।
कुल 111 लोगों का चिन्हीकरण किया गया, जिनमें 75 वयोवृद्ध और 36 दिव्यांगजन शामिल थे। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है जिन्हें सहायता की आवश्यकता है।
सामाजिक सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र कुमार मांडिया ने शिविर में उपस्थित रहकर मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि सुनने की मशीन, चश्मा, छड़ी, कृत्रिम दांत, व्हील चेयर, स्मार्ट फोन, कृत्रिम हाथ पैर जैसे सहायक उपकरणों के लिए डॉक्टरी सलाह से बुजुर्गों और दिव्यांगों को चिह्नित किया गया।
डॉ. ललित पांडिया और उनकी चिकित्सा विभाग की टीम, सूचना सहायक सुभाष भादू, पूजा स्वामी, छात्रावास अधीक्षक राकेश सारण सहित अनेक कर्मियों ने शिविर में अपनी सेवाएं दीं। उनका समर्पण और सेवाभाव सराहनीय था।
मांडिया जी ने बताया कि इस योजना के तहत क्षेत्र के 111 लोगों को लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही चिह्नित किए गए लोगों के लिए उपकरण बनकर आएंगे, जिनका वितरण किया जाएगा।
यह शिविर न केवल सहायक उपकरणों के वितरण का माध्यम है, बल्कि यह समाज के उन वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक भी है जिन्हें अक्सर हमारी सहायता की आवश्यकता होती है। यह एक ऐसा कदम है जो निश्चित रूप से इन लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उन्हें समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा।