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बिजली बिल बना मुसीबत, खरीद से वंचित रह रहें 75 प्रतिशत, जिला प्रशासन से मांगा समाधान

श्रीडूंगरगढ़, 28 नवंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से एक और कदम आगे बढ़ाया है। आज जोधासर में समर्थन मूल्य पर खरीद का छठां केंद्र शुरू हो गया है।

केंद्र का उद्घाटन स्थानीय विधायक ताराचंद सारस्वत ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार किसान के साथ है और यह नया केंद्र क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज का सही दाम प्राप्त करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे खरीद प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुरक्षित बनेगी। आज जोधासर केंद्र पर पहली मूंगफली की खरीद किसान रामनाथ पूनरासर से की गई।

कार्यक्रम में सोसायटी अध्यक्ष भागीरथ सिंह और सोसायटी व्यवस्थापक कल्याण सिंह ने सभी का स्वागत किया। मैनेजर भीकासिंह ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि भंवरसिंह, किशोरसिंह राजवी, सुरेंद्र स्वामी, भंवरसिंह झंझेऊ, सुखदेव स्वामी, गणेशदास, मल्लूदास, जेठदास, बजरंगदास, भंवरसिंह फौजी, गुलाबसिंह, सुशील शर्मा, मोतीसिंह जोधासर, राजकुमार समंदसर, हरिराम समंदसर, रामेश्वरनाथ पूनरासर, महेश राजोतिया, मल्लू नाथ, जेठनाथ के साथ-साथ विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, और बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।

हालांकि, एक तरफ जहां किसानों के लिए नया केंद्र खुलने से खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ बिजली बिल की अनिवार्यता ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस नियम के कारण 75 प्रतिशत से अधिक किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह रहे हैं। नतीजतन, खरीद केंद्रों पर अपेक्षित रौनक देखने को नहीं मिल रही है।

किसानों का कहना है कि बीकानेर संभाग में बिजली बिल, गिरदावरी और टोकन की अनिवार्यता लागू की गई है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में ऐसा नहीं है। उनका कहना है कि व्यवहारिक रूप से यह व्यवस्था लागू करना मुश्किल है, क्योंकि कई बार एक ही पिता के दो या तीन बेटों ने अलग-अलग जमीन पर खेती की होती है, लेकिन बिजली का बिल पिता के नाम से आता है। इसी तरह, कुछ किसान पड़ोसी से पानी लेकर खेती करते हैं, ऐसे में वे बिजली का बिल कहां से लाएं?

किसानों का कहना है कि वे अपनी उपज लेकर केंद्रों पर पहुंच तो रहे हैं, लेकिन बिजली बिल न होने के कारण उनकी खरीद नहीं हो पा रही है। इससे उनका किराया-भाड़ा और समय बर्बाद हो रहा है। विभागीय अधिकारी भीखासिंह ने बताया कि उन्होंने इस समस्या से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। जिला कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को जल्द ही इसका समाधान करने का आश्वासन दिया है।

कई किसान नेता भी इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि खरीद में हो रही देरी का नुकसान उन्हें ही उठाना पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों को इस परेशानी से कब निजात मिलती है।

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