घटना घूमचक्कर क्षेत्र की है। छपरा, बिहार के रहने वाले और कोलकाता में बसे एक परिवार का मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया। परिवार, जो शायद किसी काम से डूंगरगढ़ आया था, अपने खोए हुए फोन को लेकर बुरी तरह परेशान था। उनकी बेचैनी देखकर वहां मौजूद गौसेवी आनंद जोशी ने उनसे बात की। परिवार ने बताया कि उनका मोबाइल कहीं गिर गया है।
जोशी ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि उनका मोबाइल सुरक्षित है और उन्हें इसके मिलने की सूचना मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि करणी गौ सेवा ग्रुप के सदस्य श्याम गिरी को कुछ देर पहले ही यह मोबाइल मिला था, जिसके बाद टीम तुरंत सक्रिय हो गई और मालिक को फोन लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
कुछ ही देर में श्याम गिरी मौके पर पहुंचे और मोबाइल को सुरक्षित परिवार को सौंप दिया। अपना खोया हुआ फोन पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने करणी गौ सेवा ग्रुप के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है। स्थानीय लोगों ने भी करणी गौ सेवा ग्रुप की इस ईमानदारी की सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे उदाहरण समाज में विश्वास को मजबूत करते हैं। यह घटना न केवल खोए हुए मोबाइल को वापस पाने की कहानी है, बल्कि यह मानवीय संवेदना और निःस्वार्थ सेवा की भी एक प्रेरणादायक मिसाल है।