श्रीडूंगरगढ़, (विशेष संवाददाता): नियति कब, कैसे और कहाँ अपना क्रूर खेल खेलेगी, ये कोई नहीं जानता। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में एक ही दिन में तीन अलग-अलग घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। इन घटनाओं ने जीवन की क्षणभंगुरता और अप्रत्याशित मोड़ों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
पहली घटना सदर थाना क्षेत्र के पुरानी गिन्नाणी में हुई। यहाँ, बीकानेर के भाटो का बास निवासी 40 वर्षीय राजू ओड, जो पेशे से श्रमिक थे, एक घर की छत पर काम कर रहे थे। अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वे नीचे गिर गए। गंभीर रूप से घायल राजू को तुरंत ट्रोमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें बचाया नहीं जा सका। राजू के भाई, ओमप्रकाश ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच एएसआई अशोक अदलान को सौंप दी है। राजू के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
उधर, गंगाशहर थाना क्षेत्र के नीलकंड कॉलोनी में एक और हृदयविदारक घटना घटी। 37 वर्षीय श्यामलाल बिश्नोई ने बुधवार की सुबह करीब 6 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। श्यामलाल के बड़े भाई प्रेमरतन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच एएसआई अशोक कुमार को सौंप दी है। श्यामलाल के इस कदम ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।
इसी थाना क्षेत्र में एक और दुखद घटना सामने आई। श्रीरामसर लेघा बाड़ी निवासी 27 वर्षीय पवन कुमार नायक ने 25 नवंबर की रात अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पवन के छोटे भाई लीलाधर ने पुलिस को इस बारे में बताया। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच एएसआई अशोक कुमार को दे दी है। पवन के आत्महत्या करने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन उनके असामयिक निधन ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जीवन की आपाधापी में हम कितने अकेले हो गए हैं? क्या हम अपने आसपास के लोगों की परेशानियों को समझ पा रहे हैं? क्या हम उन्हें समय पर मदद दे पा रहे हैं? ये सवाल आज हर किसी के मन में उठ रहे हैं। इन दुखद घटनाओं ने हमें याद दिलाया है कि जीवन कितना अनमोल है और हमें इसे संजोकर रखना चाहिए।