यह योजना, जो मुख्यमंत्री की पहल पर शुरू की गई है, प्रधानमंत्री की कंज्यूमर केयर अवधारणा पर आधारित है। संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी संदीप गौड़ के अनुसार, इसका लक्ष्य प्रदेश में उपभोक्ता न्याय, प्रतितोष, नवाचार और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में कार्यरत व्यक्तियों और संगठनों को प्रोत्साहित करना है।
श्री गौड़ ने बताया कि राज्य का कोई भी स्थायी निवासी, सरकारी कर्मचारी, स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन, शिक्षण संस्थान, महिला संगठन या आम नागरिक, जिन्होंने उपभोक्ता हितों से जुड़े क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। विशेष रूप से, उपभोक्ता संरक्षण, न्याय, प्रतितोष, शिक्षा, प्रकाशन, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में योगदान करने वाले, कानूनों और नियमों के प्रवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले, शिकायत निवारण में विशेष प्रयास करने वाले, और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया के माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता फैलाने वाले लोग आवेदन करने के पात्र हैं।
इस योजना में कुल पाँच नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। राजकीय और स्वायत्तशासी श्रेणी में 5 लाख रुपये का एक पुरस्कार, संस्थागत श्रेणी में 2 लाख रुपये का एक पुरस्कार और व्यक्तिगत श्रेणी में 51 हजार रुपये के तीन पुरस्कार शामिल हैं। सभी विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ ताम्रपत्र और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
योजना के बारे में विस्तृत जानकारी और आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट consumeraffairs.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हैं। अधिक जानकारी के लिए, इच्छुक व्यक्ति किसान भवन, द्वितीय तल स्थित संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी कार्यालय, बीकानेर में कार्यालय समय के दौरान संपर्क कर सकते हैं।
उपभोक्ता हितों के प्रति समर्पित व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे अपने प्रयासों को पहचान दिलाएं और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में अपना योगदान और बढ़ाएं।