श्रीडूंगरगढ़, 26 नवंबर, 2025। श्रीडूंगरगढ़ के राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय का प्रांगण उस दिन मानो वैचारिक मंथन का केंद्र बन गया था, जहाँ युवा मन संविधान के गूढ़ अर्थों को कागज़ पर उतारने को उत्सुक थे।
प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। उनके लेखों में संविधान का महत्व, इसकी विशिष्टताएँ और राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका जैसे विषयों पर गहरी समझ और चिंतन दिखाई दिया। ऐसा लग रहा था, जैसे युवा पीढ़ी संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर, देश के भविष्य को संवारने के लिए तैयार है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, ताकि वे इसके मूल सिद्धांतों को समझ सकें और अपने जीवन में उतार सकें। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संवैधानिक मूल्य न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करते हैं, बल्कि हमें अपने कर्तव्यों के प्रति भी जवाबदेह बनाते हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य अमित तंवर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान हमारे देश की आधारशिला है। उन्होंने हर नागरिक को इसके प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी आह्वान किया कि वे समाज और राष्ट्र के हित में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उनकी बातें प्रेरणादायक थीं, जो युवाओं को एक बेहतर नागरिक बनने और देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित कर रही थीं।