श्रीडूंगरगढ़, 25 नवंबर, 2025। रिश्तों की जटिलता और मानवीय संवेदनाओं के ताने-बाने से बुनी एक घटना ने यहाँ के शांत माहौल में हलचल पैदा कर दी है। एक युवती, जो जन्म से ही वाणी की बाधा से जूझ रही है, ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला रिश्तों की उस डोर को उजागर करता है, जो कभी स्नेह और विश्वास से बंधी थी, लेकिन अब आरोपों और प्रताड़ना के भंवर में फंसी हुई है।
आड़सर बास की रहने वाली पूजा, जो रामचंद्र ब्राह्मण की बेटी हैं, ने अपने पति जितेंद्र, ससुर मदनलाल, सास मैनादेवी और देवर ओमप्रकाश के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पूजा का कहना है कि उन्हें बचपन से ही बोलने में कठिनाई होती है।
उनकी शिकायत के अनुसार, लगभग पांच वर्ष पूर्व मदनलाल उनके घर आए और उनके पिता से अपने बेटे जितेंद्र का विवाह पूजा से कराने का प्रस्ताव रखा। पूजा के पिता ने मदनलाल से आग्रह किया कि वे अपनी पत्नी और बेटे को बुलाकर इस बारे में विस्तार से बात करें। मदनलाल अपने परिवार के साथ आए और पूजा को पसंद किया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूजा की वाणी संबंधी समस्या से कोई परेशानी नहीं है।
पूजा के अनुसार, मदनलाल ने यह कहकर कि जितेंद्र की उम्र बढ़ रही है और उन्हें कोई और लड़की नहीं मिल रही है, 21 अप्रैल 2021 को उनका विवाह जितेंद्र से करवा दिया। पूजा के पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज देकर विवाह संपन्न कराया।
पूजा का आरोप है कि विवाह के बाद कुछ दिन तो सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे उनके ससुर ने अश्लील हरकतें करना शुरू कर दीं और पति दुर्व्यवहार करने लगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनका पति उन्हें नशे की गोलियां देकर नशे में रखता था और मारपीट करता था। पूजा के अनुसार, ससुराल वालों ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
पीड़िता के परिवार वालों ने कई बार ससुराल वालों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पूजा का कहना है कि करीब तीन साल पहले उन्हें उनके मायके छोड़ दिया गया और जब वापस ले जाने की बात हुई तो ससुराल वालों ने दो लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग की।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई मोहनलाल को सौंप दी है। अब यह देखना बाकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस कहानी का अंत क्या होता है। फिलहाल, यह घटना समाज में रिश्तों की संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के प्रति एक गहरी सोच पैदा करती है।