बैठक की शुरुआत में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद, संगठन की मजबूती और भविष्य की योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
पर्यवेक्षक सीमा जैन ने बताया कि बीकानेर में 18 और 19 दिसंबर को जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में तहसील के लगभग 70 गांवों और शहर के 125 प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी, जिससे कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा और कार्यशैली से अवगत कराया जा सके।
संगठन ने 14 दिसंबर को माकपा कार्यालय में एक और विस्तृत तहसील स्तरीय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे पार्टी की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।
पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद के लिए बिजली-पानी बिल अनिवार्य करना किसान विरोधी निर्णय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भले ही ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन जिला कलेक्टर और प्रशासन किसानों को परेशान कर रहे हैं, जिससे प्रशासनिक मनमानी बढ़ रही है। माकपा इसका पुरजोर विरोध करेगी।
पर्यवेक्षक अशोक शर्मा ने SIR प्रक्रिया के इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इसका उपयोग मनमानी ढंग से कर रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर मजबूती से जुड़कर जनता के बीच वास्तविक स्थिति रखने का आह्वान किया, ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।
बैठक में तहसील सचिव मुखराम गोदारा, पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, दानाराम प्रजापत, सतुनाथ, हशन, शौकीन, ताहिर, सुभाष जावा, जावेद, आमिर, समीर पावटे, मुकेश ज्याणी, गौरव टाडा, दौलतराम मेघवाल, मालाराम सांसी, मनीष नायक, कैलाश बारूपाल समेत कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।