श्रीडूंगरगढ़, 22 नवम्बर 2025। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने अपने संगठन को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पार्टी ने सदस्यता अभियान चलाने और सदस्यों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह फ़ैसला शनिवार को तहसील कमेटी की बैठक में लिया गया, जहाँ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन को नई ऊँचाईयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
किसान नेता गिरधारीलाल जाखड़ ने बैठक की अध्यक्षता की। तहसील पर्यवेक्षक सीमा जैन ने कार्यकर्ताओं को आगामी 18 एवं 19 दिसम्बर को होने वाले जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में जिले के 70 से अधिक गांवों से कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे, जिससे पार्टी की विचारधारा और कार्यक्रमों को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
बैठक में मौजूद तहसील पर्यवेक्षक अशोक शर्मा ने SIR (सोर्स ऑफ़ इनकम रिकवरी) मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस प्रक्रिया का इस्तेमाल अपनी मनमानी लागू करने के लिए कर रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने बूथों पर मजबूती से जुटें और हर वोट को सुरक्षित तरीके से जोड़ें, ताकि पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
बैठक की शुरुआत दो मिनट के मौन से हुई, जिसके बाद तहसील स्तर की एक विस्तृत बैठक आगामी 14 दिसम्बर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में संगठन को मज़बूत करने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा होगी।
अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद में बिजली और पानी के बिल की अनिवार्यता को किसानों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं होने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा ऐसे आदेशों को लागू करना भ्रष्टाचार को छिपाने और किसानों को परेशान करने का एक तरीका है। उन्होंने माकपा द्वारा सरकारी खरीद में आने वाली ऐसी बाधाओं का विरोध करने की बात कही, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
बैठक में तहसील सचिव मुखराम गोदारा, दानाराम प्रजापत, सतुनाथ, हशन, शौकीन, ताहिर, सुभाष जावा, जावेद, आमिर, समीर पावटे, मुकेश ज्याणी, गौरव टाडा, दौलतराम मेघवाल, मालाराम सांसी, मनीष नायक, कैलाश बारूपाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पार्टी के लक्ष्यों को हासिल करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।
यह बैठक माकपा के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करने में सफल रही, और पार्टी संगठन को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।