इस अधिसूचना के अनुसार, श्रीडूंगरगढ़ में 11 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया गया है। सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र के ग्रामीण ढांचे में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। गुरुवार को जारी इस आदेश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जिले की कई पुरानी ग्राम पंचायतों को समाप्त कर दिया जाएगा और नई सीमाओं के साथ नए नामों से पंचायतों का गठन किया जाएगा।
यह प्रक्रिया राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 98 के अंतर्गत सरकार को प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पूरी की गई है। इस प्रक्रिया की शुरुआत 10 जनवरी 2025 को जारी एक पूर्व अधिसूचना से हुई थी, जिसके तहत जिला कलेक्टरों को पंचायतों के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करने, उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने, आपत्तियां आमंत्रित करने और उनकी सुनवाई करने का अधिकार दिया गया था।
जिला कलेक्टरों द्वारा इस प्रक्रिया का पालन करने के बाद, सभी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे गए। सरकार ने इन प्रस्तावों और सिफारिशों का गहन परीक्षण करने के बाद अंतिम स्वीकृति प्रदान की है।
राजपत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, बीकानेर जिले में जिन पंचायतों का पुनर्गठन या नवसृजन किया गया है, उन्हें अब अनुसूची के कॉलम-4 में दिए गए नए नामों से जाना जाएगा। इन पंचायतों के अधिकार क्षेत्र भी कॉलम-5 में वर्णित अनुसार लागू होंगे।
यह स्पष्ट किया गया है कि नई पंचायतों के चुनाव होने के बाद अनुसूची के कॉलम-2 में सूचीबद्ध पुरानी ग्राम पंचायतें स्वतः ही समाप्त हो जाएंगी। उनका संपूर्ण कार्यक्षेत्र नई गठित पंचायतों को हस्तांतरित हो जाएगा। इसके साथ ही, नई पंचायतों का कार्यकाल भी उसी तारीख से शुरू माना जाएगा।
इस अधिसूचना के जारी होने के बाद, बीकानेर जिले में पंचायत ढांचे में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नई सीमाओं के निर्धारण के कारण कई गांवों की पंचायतें बदलेंगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में पहली बार नई पंचायतें अस्तित्व में आएंगी। यह बदलाव स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।