श्याम प्रेमियों के लिए खाटू नगरी से एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। मंदिर कमेटी के अनुसार, बाबा श्याम की विशेष सेवा-पूजा और तिलक का आयोजन किया जाएगा। इस पावन अवसर पर, 25 नवंबर, 2025 की रात्रि 10 बजे से लेकर 26 नवंबर, 2025 की शाम 5 बजे तक मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। श्याम भक्त 26 नवंबर की शाम 5 बजे के बाद ही बाबा के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे।
वहीं, श्रीडूंगरगढ़ के पास स्थित गांव दुलचासर की श्रीगोपाल गौशाला में अमावस्या के शुभ अवसर पर एक विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया गया। पंडित विजय कुमार जाजड़ा ने वैदिक मंत्रों के साथ हवन को संपन्न कराया। इस अवसर पर मुख्य यजमान पूनमचंद मूंदड़ा अपनी पत्नी के साथ हवन में शामिल हुए और आहुतियां अर्पित कीं। गौशाला के सचिव रेवंतसिंह पड़िहार ने बताया कि मनोहरलाल मूंदड़ा ने अपने परिवार के साथ गौशाला का दौरा किया और वहां मौजूद गौवंश के लिए गुड़ का भंडारा किया। मूलचंद जाजड़ा और चतरसिंह पड़िहार ने गौशाला में गुड़ और चारा सेवा समर्पित की। समिति के सदस्यों ने इस सेवा भाव के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
श्रीडूंगरगढ़ के गांव कोटासर स्थित श्रीकरणी गौशाला में भी अमावस्या के अवसर पर गौसेवा और हवन का आयोजन हुआ। दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर गौसेवा में अपना योगदान दिया। पंडित विजय कुमार जाजड़ा ने सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन अनुष्ठान संपन्न कराया। हरिराम भादू लिखमीसर अपने परिवार सहित मुख्य यजमान के रूप में हवन में शामिल हुए। अनेक दानदाताओं और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से हवन अनुष्ठान में घी और खोपरे की आहुतियां अर्पित कर गांव और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महिला सत्संग मंडली ने भजन-कीर्तन का आयोजन किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। हरिराम भादू ने अपने पोते के जन्मदिन के अवसर पर लापसी के भंडारे की सेवा दी। हरिकिशन सारस्वत खारड़ा, चेन्नई प्रवासी श्याम सुंदर सुथार एवं बड़ोदरा प्रवासी प्रहलाद सुथार, चेन्नई प्रवासी रामेश्वरलाल सुथार एवं अजय कुमार सुथार कुचोर अगुणी, राजेंद्र कुमार जोशी गंगाशहर, श्यामसुंदर मोटियार पलाना, अमोलक कुमार संघई बम्बई, रामलाल सुथार बेनिसर, बेंगलुरु प्रवासी प्रवीण कुमार कोठारी, मुंबई प्रवासी नीरज कुमार संघई, रिछपाल धारणियां सांवतसर सहित कई दानदाताओं ने गौसेवा में अपना सहयोग दिया। कई लोगों ने गौसेवा करके अपना जन्मदिन मनाया। गौशाला समिति के सदस्य किशोरसिंह राठौड़, मदनसिंह चौहान, ओमसिंह भाटी, जेठूसिंह चौहान, रामरतन गुर्जर, जगदीश सिंह पड़िहार ने श्रमदान किया और सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।