20 नवंबर, 2025: श्रीडूंगरगढ़ के शांत परिवेश में एक वित्तीय हलचल ने दस्तक दी है। दाऊजी रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बीकानेर शाखा में गोल्ड लोन योजना में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक ने एक ग्राहक और एक स्थानीय स्वर्णकार के खिलाफ गलत सोना मूल्यांकन और फर्जी दस्तावेज जमा करने के आरोप में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दोनों को नामजद कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब बैंक के अधिकारियों ने गोल्ड लोन के लिए जमा किए गए सोने की जांच की। ब्रांच मैनेजर मनप्रीत सिंह के अनुसार, पाबू बारी क्षेत्र के अंबेडकर चौक निवासी श्रीकांत चांवरिया नामक ग्राहक ने जितना सोना दिखाया था, जांच में उसकी मात्रा कम पाई गई। बैंक का आरोप है कि श्रीकांत ने गलत वजन बताकर फर्जी मूल्यांकन दस्तावेज भी जमा करवाए थे।
इस मामले में एक और नाम सामने आया है – संजय सोनी, जो जैन पाठशाला के सामने रहते हैं और पेशे से स्वर्णकार हैं। बैंक का आरोप है कि संजय सोनी ने सोने के वजन और मूल्यांकन का जो प्रमाण पत्र जारी किया, वह गलत था। बैंक का मानना है कि संजय की रिपोर्ट ने ही इस फर्जीवाड़े को बढ़ावा दिया, इसलिए उन्हें भी बराबर का आरोपी माना गया है।
बैंक की लिखित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने श्रीकांत चांवरिया और संजय सोनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी एएसआई राकेश को सौंपी गई है, जो दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इस फर्जीवाड़े की कड़ी में और भी लोग तो शामिल नहीं हैं।
यह खबर बीकानेर के वित्तीय जगत में कोई नई बात नहीं है। सूत्रों की मानें तो कोटगेट और सदर थाना क्षेत्रों में भी पहले गलत सोना मूल्यांकन और शुद्धता संबंधी फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस इन मामलों की भी अलग से जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई बड़ा संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
इस घटना ने एक बार फिर बैंकों और ग्राहकों के बीच भरोसे की अहमियत को रेखांकित किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस जांच में क्या नए खुलासे होते हैं और इस मामले में शामिल लोगों को कानून के कठघरे में कैसे लाया जाता है। फिलहाल, श्रीडूंगरगढ़ में हर तरफ इस गोल्ड लोन घोटाले की ही चर्चा है।