20 नवंबर, 2025 की एक सर्द शाम, श्रीडूंगरगढ़ के शांत माहौल में हलचल मच गई, जब चूरू और बीदासर पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध जुए के कारोबार पर ज़ोरदार प्रहार किया। यह कार्रवाई श्रीडूंगरगढ़ से सटे प्रजापति कार बाजार में हुई, जहाँ ताश के पत्तों पर रुपयों की बाज़ी लग रही थी।
पुलिस ने मौके पर दबिश देकर 10 जुआरियों को गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से 7 लाख 30 हजार 980 रुपए की भारी रकम बरामद हुई। पकड़े गए जुआरियों में श्रीडूंगरगढ़ के चार निवासी शामिल थे: राजेश नाई, राजकुमार नाई, देवराज प्रजापत और किशन गोपाल डागा। इनके अलावा, बीदासर, सुजानगढ़ और रतनगढ़ के जुआरी भी गिरफ्त में आए, जिनके नाम हैं जगदीश प्रजापत, नन्दकिशोर प्रजापत, महावीर प्रजापत, बाबूलाल प्रजापत, जगदीश प्रजापत और पन्नालाल जाट।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक चूरू जय यादव के निर्देशन में की गई। एएसपी सुजानगढ़ दिनेश कुमार, प्रभारी AGTF टीम चूरू अभिजीत पाटील और वृताधिकारी बीदासर ओमप्रकाश गोदारा ने इस संयुक्त ऑपरेशन का सुपरवीजन किया।
बीदासर के थानाधिकारी दिलीप सिंह के नेतृत्व में AGTF टीम और थाना स्टाफ ने कार बाजार में घेराबंदी कर जुआरियों को धर दबोचा। इस कार्रवाई में राजेंद्र सिंह, सज्जन हेडकांस्टेबल, महेंद्र कुमार, कपिल मीणा, नवीन, रमाकांत, विक्रम, अमित कोठारी, मनीष और सुंदराम सहित कई पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल, सभी आरोपियों के खिलाफ बीदासर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, और जुआ जैसे अवैध कृत्यों में लिप्त लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।