आज, तिथि अमावस्या है, जो दोपहर 12:18 तक रहेगी। नक्षत्र विशाखा 10:58 तक विद्यमान है। करण नाग और किन्स्तुघ्ना भी दिन का भाग हैं। कृष्ण पक्ष चल रहा है और योग शोभन सुबह 09:52 तक है। आज वार गुरुवार है।
पंचांग के अनुसार, तिथि के श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, वार के श्रवण से आयु में वृद्धि होती है, नक्षत्र के श्रवण से पापों का नाश होता है, योग के श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है और करण के श्रवण से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसलिए, शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग का पठन और श्रवण करना चाहिए।
आज सूर्योदय 06:59 पर हुआ और सूर्यास्त 05:39 पर होगा। चंद्रोदय भी 06:59 पर है और चंद्रास्त 05:26 पर होगा। चंद्र राशि वृश्चिक है और चन्द्र वास उत्तर दिशा में है। ऋतु हेमंत है।
शुभ समय में अभिजीत मुहूर्त 11:58 से 12:40 तक है। अशुभ समय में दुष्टमुहूर्त, कंटक, यमघण्ट, राहु काल, कुलिक, कालवेला/अर्द्धयाम और यमगण्ड शामिल हैं। दिशा शूल दक्षिण दिशा में है।
ताराबल में भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा आदि नक्षत्र शामिल हैं, जबकि चन्द्रबल में वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर और कुम्भ राशियाँ हैं।
आज के दिन गुरुवार होने के कारण, कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। मान्यता है कि इस दिन सर धोने, शरीर में साबुन लगाने या कपड़े धोने से लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं। इसके विपरीत, पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाना और दीपक जलाना बृहस्पति देव को प्रसन्न करता है, जिससे दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है। इसके अतिरिक्त, चने की दाल को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाना और दूसरे हिस्से में शहद डालकर सेवन करना भी शुभ माना जाता है। स्त्रियाँ यदि हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है और कुंवारी लड़कियां/लड़के यह करें तो उन्हें योग्य जीवन साथी मिलता है। गुरुवार को विष्णु जी की उपासना और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदाई माना गया है।
आज देवकार्य अमावस्या भी है।
यह जानकारी पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE द्वारा दी गई है।