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सेसोमूं स्कूल में 25वें वार्षिकोत्सव पर रंगारंग सांस्कृतिक समारोह संपन्न।

श्रीडूंगरगढ़, 16 नवंबर, 2025। श्रीडूंगरगढ़ के सेसोमूं स्कूल में रविवार को विद्यालय का 25वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ‘चेतना – The Spark of Inner Wisdom’ की थीम पर आधारित यह समारोह शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों के अनूठे संगम का साक्षी बना।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। गणेश वंदना और सरस्वती वंदना से वातावरण भक्तिमय हो गया, जिसके बाद दीप प्रज्वलन किया गया।

विद्यालय की वाइस चेयरपर्सन पद्मा मूंधड़ा ने अपने स्वागत भाषण में उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन किया और कार्यक्रम की थीम ‘चेतना’ के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि भीतर की चेतना को जागृत करना भी है।

मुख्य अतिथि विधायक ताराचंद सारस्वत ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण से बचने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि सीबीईओ सरोज पूनियां वीर ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को अनावश्यक मोबाइल फोन से दूर रखें और उनके साथ सार्थक समय बिताएं।

विद्यालय के पूर्व छात्र और डेलॉइट, गुरुग्राम में सहायक प्रबंधक बंग सुमंत ने अपने छात्र जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सेसोमूं स्कूल में मिली मूल्य-आधारित शिक्षा ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की दिशा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

स्कूल के चेयरमैन जगदीश प्रसाद मूंधड़ा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सतर्क रहना बहुत जरूरी है।

प्राचार्य सुब्रत कुंडू ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने पिछले वर्ष में कई नए आयाम स्थापित किए हैं।

इसके बाद विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गणेश वंदना, सरस्वती वंदना, रामायण डांस ड्रामा, महारास, नृसिंह अवतार डांस ड्रामा, स्पिरिट ऑफ गरबा डांस, राजस्थानी लोकनृत्य, हिंदी नाटक, अंग्रेजी नाटक, मारवाड़ी नाटक, बॉन्ड ऑफ फ्रेंडशिप डांस, आर्मी एक्ट, ऑर्केस्ट्रा, कथक, योग डिस्प्ले और माइम जैसे विविध कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विशेष रूप से ‘नृसिंह अवतार डांस-ड्रामा’ की दिव्य प्रस्तुति ने मंच पर एक अलौकिक वातावरण बना दिया। वहीं, हिंदी नाटक ‘मोबाइल में कैद जीवन’ ने आधुनिक जीवन की सच्चाइयों को उजागर करते हुए दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

अकादमिक कोऑर्डिनेटर फरियाद अली काजी ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक अजीतसिंह परिहार, सीईओ घनश्याम गौड़, रूपचंद सोनी, महावीर माली, सुभाषचंद्र शास्त्री, पवन कुमार मूंधड़ा, बालकराम शर्मा, मंजू ओला, बबीता सक्सेना, पलाश रॉय, डॉ. कृष्णा गहलोत, रामनिवास बेनिवाल, रामनिवास चौधरी, विमल भाटी, महेश राजोतिया, एडवोकेट राधेश्याम दर्जी, विशाल स्वामी, कोरियोग्राफर सुरभि भोजक, नंदिनी राजपुरोहित सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकगण और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे। वार्षिकोत्सव का यह भव्य आयोजन निश्चित रूप से श्रीडूंगरगढ़ के लोगों के लिए एक यादगार अनुभव रहा।

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