निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी और उपखण्ड अधिकारी शुभम शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए मतदाता सूची के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह समयबद्ध कार्यक्रम 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा, जिसके अंतर्गत परिगणना प्रपत्रों का वितरण, संकलन और बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन डिजिटाइजेशन किया जाएगा।
श्री शर्मा ने शिक्षा विभाग की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पीईईओ और संस्था प्रधान ईएलसी (ELC) के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करेंगे। साथ ही, बूथ स्तर पर प्रपत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे। उन्होंने ब्लॉक स्तरीय पर्यवेक्षकों और पीईईओ को प्रतिदिन फील्ड विजिट कर कार्य की निगरानी करने और समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित किया।
नायब तहसीलदार निर्वाचन रमेश सिंह चौहान ने बताया कि आज के हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स ने पीईईओ और संस्था प्रधानों को परिगणना प्रपत्र ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण में ब्लॉक स्तरीय पर्यवेक्षक अधिकारी श्रीवर्धन शर्मा (तहसीलदार), मनोज धायल (BDO), सरोज वीर पूनिया (CBEO) और निर्वाचन शाखा के अधिकारी मोहम्मद आरिफ भाटी, पूरवचन्द, मनीप सैनी, नौरतमल शर्मा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
शिक्षा एवं निर्वाचन विभाग का मानना है कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और डिजिटल रूप से अद्यतन करना है। इससे आने वाले चुनावों में मतदान प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। यह पहल निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीक के समावेश को बढ़ावा देने और मतदाताओं को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।