श्रीडूंगरगढ़ के शांत माहौल में बीती रात एक अजीब हलचल देखने को मिली। 16 नवंबर, 2025 की रात, जब आधी दुनिया गहरी नींद में डूबी हुई थी, एक युवक अपने घर से निकला। उसके हाथ में एक पिस्टल थी और जेब में 18 जिंदा कारतूस। मानो कोई रहस्य उसे अपनी ओर खींच रहा था।
कालू थाने के हैड कांस्टेबल हवासिंह अपनी टीम के साथ मुस्तैदी से ड्यूटी पर तैनात थे। कांस्टेबल राजवीर ढाका, सुनील कुमार और सुंदरलाल के साथ उन्होंने थाने के ठीक सामने नाकाबंदी कर रखी थी। रात के करीब 11 बजे, कालू से लूणकरणसर की ओर जा रही एक बिना नंबर की कार उनकी नज़र में आई। कार का बायां बंपर टूटा हुआ था, जो शायद किसी दुर्घटना का शिकार हुई थी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार को रोका और युवक को शांत रहने को कहा। पूछताछ के दौरान युवक कुछ घबराया हुआ लग रहा था, जिससे पुलिस को शक हुआ। जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। युवक के पास एक देशी कट्टा (पिस्टल) और 18 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 28 वर्षीय हनुमान उर्फ हड़मान उर्फ प्रिंस पुत्र मनीराम सारस्वत, निवासी कालू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पिस्टल और कारतूस जब्त कर उसे हवालात में बंद कर दिया।
हैड कांस्टेबल हवासिंह ने बताया कि आरोपी युवक इतनी रात को कहां जा रहा था और उसके इरादे क्या थे, इस बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना के पीछे क्या रहस्य छिपा है। यह घटना श्रीडूंगरगढ़ में चर्चा का विषय बन गई है, और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर इस युवक का मकसद क्या था।