आज का दिन, श्रीडूंगरगढ़ में, एक नई सुबह के साथ शुरू होता है। सनातन परंपरा में पंचांग का महत्व सर्वविदित है, और आज का पंचांग कई शुभ संकेत लेकर आया है।
आज, विक्रम संवत 2082 में कार्तिक मास की समाप्ति और मार्गशीर्ष मास का आरंभ हो रहा है। यह हेमंत ऋतु का समय है, जब सूर्य दक्षिणायन होते हैं और प्रकृति एक शांत और शीतल आवरण ओढ़ लेती है।
पंचांग के अनुसार, आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो सुबह 4 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र हस्त है, जो सुबह 2 बजकर 11 मिनट तक विद्यमान रहेगा। कौलव और तैतिल करण दोपहर 3 बजकर 41 मिनट तक रहेंगे। योग प्रीति है, जो पूरी रात्रि रहने वाला है।
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 56 मिनट पर उदय हुए और सायं 5 बजकर 41 मिनट पर अस्त होंगे। चंद्रमा कन्या राशि में हैं, और उनका वास दक्षिण दिशा में है। चन्द्रोदय आज सुबह 4 बजकर 14 मिनट पर हुआ और चंद्रास्त दोपहर 3 बजकर 16 मिनट पर होगा।
आज के शुभ और अशुभ समय की बात करें, तो अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। वहीं, राहु काल सायं 4 बजकर 20 मिनट से 5 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है।
ताराबल की दृष्टि से अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र शुभ हैं। चन्द्रबल मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, और मीन राशियों के लिए अनुकूल है।
आज रविवार है, और शास्त्रों में रविवार को सूर्य देव की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि आज के दिन सूर्य देव की पूजा करने से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। तांबे के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने का विधान है। यह भी माना जाता है कि सूर्य देव को जल देने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
इसके अतिरिक्त, रविवार को भैरव जी की आराधना का भी विशेष महत्व है। भैरव जी के दर्शन करने और उनके मंत्र “ॐ काल भैरवाय नमः” या “ॐ श्री भैरवाय नमः” का जाप करने से भय और संकट दूर होते हैं, साहस और बल की प्राप्ति होती है।
पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, आज उत्पन्ना एकादशी व्रत का पारण भी किया जाएगा।
आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो, यही कामना है।