श्रीडूंगरगढ़, 15 नवंबर 2025। बीती रात श्रीडूंगरगढ़ में एक अजीब सी हलचल हुई। उत्तरप्रदेश पुलिस, श्रीडूंगरगढ़ पुलिस के साथ, एक ऐसे युवक की तलाश में यहाँ पहुँची, जो तीन साल पहले कानपुर में हुई एक चोरी के मामले में वांछित था।
यह कहानी 2022 में शुरू होती है, जब कानपुर के कलेक्ट्रटगंज थाने में नकदी चोरी का एक मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में श्याम सुंदर प्रजापति नामक एक युवक, जो श्रीडूंगरगढ़ के मोमासर बास का रहने वाला है, आरोपी था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कान्हाराम के पुत्र श्याम सुंदर पर आरोप था कि वह इस चोरी में शामिल था और घटना के बाद से ही फरार था।
कानपुर पुलिस इस मामले को लेकर गंभीर थी। उन्होंने श्याम सुंदर पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था, ताकि उसे जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस को सूचना मिली कि श्याम सुंदर अपने घर लौट आया है। इसी सूचना पर उत्तरप्रदेश पुलिस के एसआई जितेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ श्रीडूंगरगढ़ पहुँचे।
स्थानीय एसआई मोहनलाल के नेतृत्व में श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने उत्तरप्रदेश पुलिस का सहयोग किया। दोनों टीमों ने मिलकर श्याम सुंदर के घर पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
यह गिरफ्तारी कई सवाल खड़े करती है। तीन साल पहले हुई एक चोरी, एक युवक की तलाश, और दो राज्यों की पुलिस का एक साथ आना – यह सब मिलकर एक रहस्यमय कहानी बुनते हैं। श्याम सुंदर को अब उत्तरप्रदेश पुलिस अपने साथ ले गई है, जहाँ उसे अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की सुनवाई होगी। इस घटना ने श्रीडूंगरगढ़ में लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर इस चोरी की कहानी में और क्या-क्या छिपा है।