कार्यक्रम का आरंभ भगवान बिरसा मुंडा की जीवनगाथा को दर्शाते पोस्टरों की प्रदर्शनी से हुआ। ये पोस्टर छात्राओं ने खुद बनाए थे, जिनमें बिरसा मुंडा के जीवन के विभिन्न पहलुओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद, छात्राओं ने उनके संघर्ष, आदिवासी समाज के लिए किए गए कार्यों और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर निबंध लिखे। उनके शब्दों में बिरसा मुंडा के प्रति सम्मान और प्रेरणा साफ झलक रही थी।
प्रोफेसर डॉ. कमलसिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बिरसा मुंडा के विचारों, आंदोलन और उनकी ऐतिहासिक भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज को एकजुट किया और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।
इससे पहले, कॉलेज आयुक्तालय के निर्देशानुसार महाविद्यालय में ‘वंदे मातरम् @150’ कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में छात्राओं ने देशभक्ति गीतों और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की गूंज को फिर से महसूस किया। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत ये प्रस्तुति दर्शकों को भाव-विभोर कर गई।
कार्यक्रम के दौरान निर्वाचन विभाग श्रीडूंगरगढ़ से आई टीम ने छात्राओं और स्टाफ को SIR (Systematic Information for Registration) के बारे में जानकारी दी। टीम के सदस्यों डॉ. मनीष सैनी और पवन कुमार ने SIR प्रक्रिया की उपयोगिता बताते हुए छात्राओं को SIR गणना प्रपत्र भरने की ट्रेनिंग दी। यह जानकारी छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई। सूत्रों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में जागरूक करना था।
अंत में, डॉ. आनन्द नारायण पुरोहित ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और स्टाफ को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का समापन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
यह कार्यक्रम न केवल भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक मंच था, बल्कि छात्राओं को उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने का भी एक प्रयास था।